नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संभावित बंद होने की आशंका के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ एक अहम वर्चुअल बैठक की। करीब दो घंटे तक चली इस मीटिंग में हालात की गंभीरता पर चर्चा हुई, लेकिन आम लोगों के लिए राहत की बात यह रही कि प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया, देश में लॉकडाउन लगाने की कोई योजना नहीं है।
पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि चुनौती भले बड़ी हो, लेकिन हमें “टीम इंडिया” की तरह एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है, लेकिन इन योजनाओं को जमीन पर सफल बनाने की जिम्मेदारी राज्यों की है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने कोरोना काल की याद दिलाते हुए कहा कि जैसे 2020 में सभी ने मिलकर मुश्किल हालात को संभाला था, वैसे ही इस बार भी केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा ताकि आम जनता की रोजमर्रा की जिंदगी पर कोई असर न पड़े।
इस चर्चा में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहे। कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपनी-अपनी तैयारियों की जानकारी साझा की। इनमें योगी आदित्यनाथ, मोहन यादव, पुष्कर सिंह धामी और विष्णुदेव साय शामिल रहे।
इसके अलावा दक्षिण और अन्य राज्यों से एन चंद्रबाबू नायडू, रेवंत रेड्डी, भगवंत मन, ओमर अब्दुल्लाह, हेमंत सोरेन, भूपेंद्र पटेल और देवेंद्र फडणवीस ने भी अपने राज्यों की तैयारियों का ब्यौरा दिया।
हालांकि, कुछ राज्यों के मुख्यमंत्री चुनाव आचार संहिता के चलते इस बैठक में शामिल नहीं हो पाए।
कुल मिलाकर, इस बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला कि सरकार स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए केंद्र और राज्य मिलकर रणनीति बना रहे हैं बिना आम लोगों की जिंदगी को थामे।







