रायपुर।छत्तीसगढ़ की अस्मिता और पहचान को लेकर चल रही छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा अब सियासी रंग लेती नजर आ रही है। महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र में इस यात्रा के दौरान माहौल उस समय गरमा गया, जब स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए।
यात्रा से जुड़े लोगों का कहना है कि बसना के मुख्य मार्ग पर स्थापित शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा को पहले हटाया गया था, जिसे लेकर नाराज़गी अब भी बनी हुई है। आरोप है कि इस मामले में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की भूमिका संदिग्ध रही है।
रथ यात्रा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर यह भी आरोप लगाया कि “छत्तीसगढ़ी महतारी” की प्रतिमा को अवैध रूप से हटाकर तुमगांव थाने में रख दिया गया। इसे छत्तीसगढ़ की अस्मिता के अपमान के रूप में देखा जा रहा है।
बसना में यात्रा के पहुंचने पर बड़ी संख्या में लोगों ने नारेबाजी की और राज्य सरकार से जवाब मांगा। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के खिलाफ भी सवाल उठाए और पूछा कि सरकार स्थानीय लोगों के साथ है या बाहरी तत्वों के साथ।
यह रथ यात्रा सर्व छत्तीसगढ़िया किसान समाज के बैनर तले निकाली जा रही है, जिसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ी पहचान और अधिकारों की रक्षा बताया जा रहा है।
यात्रा ने मुकलीडीह, बल्दीडीह, संकरा, लोटरी डोंगरी, बिजराभाठा, नारायणपुर, भगतदेवरी और बसरा सहित कई गांवों का दौरा किया।
यात्रा का नेतृत्व राज्य निर्माण संग्राम सेनानी लालाराम वर्मा, बृज बिहारी साहू और अशोक कश्यप कर रहे हैं। गांव-गांव में रथ यात्रा का स्वागत पारंपरिक तरीके से आरती और फूल-मालाओं के साथ किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए लालाराम वर्मा ने कहा कि पिथौरा-बसना क्षेत्र के लोगों का राज्य आंदोलन और किसान आंदोलनों में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि छत्तीसगढ़ी अस्मिता की रक्षा के लिए एकजुट होकर इस अभियान को मजबूत करें।
कार्यक्रम में बृज बिहारी साहू, अशोक कश्यप, लीलाधर डड़सेना और लोक कलाकार लक्ष्मी नारायण निषाद ने भी अपने विचार रखे और लोगों को जागरूक रहने का संदेश दिया।
रथ यात्रा अब अगले दो दिनों तक बसना विधानसभा क्षेत्र में भ्रमण करेगी, जहां बड़ी संख्या में किसानों, युवाओं और महिलाओं के शामिल होने की संभावना है।







