असम की राजनीति में उस वक्त हलचल मच गई जब कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस फैसले ने न सिर्फ पार्टी के अंदर, बल्कि पूरे राजनीतिक गलियारे में चर्चा तेज कर दी है।
मंगलवार को सामने आए इस इस्तीफे के पीछे की वजह खुद बोरदोलोई ने खुलकर बताई। उन्होंने कहा कि यह निर्णय उनके लिए बेहद भावनात्मक और कठिन था, लेकिन पार्टी के भीतर लगातार हो रहे अपमान और बढ़ते अकेलेपन ने उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि कांग्रेस से उनका रिश्ता जीवनभर का रहा है, लेकिन हाल के दिनों में उन्हें पार्टी के अंदर सम्मान नहीं मिल रहा था। कई बार उन्होंने नेतृत्व से संवाद की कोशिश की, लेकिन उन्हें अपेक्षित सहयोग और सहानुभूति नहीं मिली।
बोरदोलोई ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपना इस्तीफा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष को सौंप दिया है। उनका यह कदम असम कांग्रेस में गहराते आंतरिक मतभेदों की ओर इशारा करता है।
वहीं इस पूरे घटनाक्रम पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनकी बोरदोलोई से कोई बातचीत नहीं हुई है, लेकिन भविष्य में संपर्क की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सीएम सरमा ने यह भी साफ किया कि अभी तक ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि बोरदोलोई ने किसी भाजपा नेता या केंद्रीय गृह मंत्री से संपर्क किया हो।
असम विधानसभा चुनाव 2026 का शेड्यूल:
- कुल सीटें: 126
- बहुमत का आंकड़ा: 64
- अधिसूचना: 16 मार्च
- नामांकन की अंतिम तिथि: 23 मार्च
- जांच: 24 मार्च
- नाम वापसी: 26 मार्च
- मतदान: 9 अप्रैल
- परिणाम: 4 मई
2021 विधानसभा चुनाव परिणाम (संक्षेप में):
- बीजेपी: 60 सीटें
- कांग्रेस: 29 सीटें
- एआईयूडीएफ: 16 सीटें
अन्य दलों और निर्दलीयों को भी सीमित सफलता मिली







