नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने युद्धविराम को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। ईरान और इजराइल के बीच लगातार हो रहे हमलों ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। इस संघर्ष में अमेरिका के शामिल होने के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं, जिससे खाड़ी देशों तक तनाव फैलने की आशंका बढ़ गई है।
इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने युद्ध समाप्त करने के लिए तीन अहम शर्तें सामने रखी हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन शर्तों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया जाता है तो ईरान तत्काल युद्धविराम के लिए तैयार है।
अंतरराष्ट्रीय गारंटी मिलने पर रुक सकता है युद्ध
एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति पेज़ेश्कियान ने कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए सबसे पहले ईरान के वैध अधिकारों को मान्यता दी जानी चाहिए। इसके साथ ही युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई और भविष्य में किसी भी तरह के हमले से बचाव की अंतरराष्ट्रीय गारंटी भी जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान बातचीत के रास्ते पर लौटने के लिए तैयार है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि देश कमजोर पड़ गया है।
पहली बार मुआवजे की खुलकर मांग
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहली बार है जब किसी शीर्ष ईरानी नेता ने युद्ध समाप्त करने के लिए खुले तौर पर मुआवजे की मांग की है। इससे पहले परमाणु वार्ताओं के दौरान ईरान हमेशा अपने परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को परमाणु अप्रसार संधि (NPT) के तहत वैध अधिकार बताता रहा है।
वर्तमान हालात को देखते हुए पूरी दुनिया की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयासों के जरिए इस संघर्ष को रोका जा सकेगा या पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ेगा।






