छत्तीसगढ़ बजट सत्र 2026: आज सदन में क्या हुआ?

Madhya Bharat Desk
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल रामेन डेका के अभिभाषण के साथ सोमवार को औपचारिक रूप से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत से पहले कार्यमंत्रणा समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें आगामी कार्यवाही की रूपरेखा तय की गई।

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों को विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि इस अवधि में 532 नक्सलियों को न्यूट्रलाइज किया गया है। वहीं, इस खरीफ सीजन में 25 लाख से अधिक किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीदी की गई।

सरकार ने दावा किया कि प्रदेश के 26 लाख 72 हजार किसान प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ प्राप्त कर रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों का बोनस 4500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये किया गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में नवा रायपुर में 300 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्थापना की घोषणा की गई। साथ ही जिलों में नालंदा लाइब्रेरी, शहरों में रिंग रोड और स्टेडियम निर्माण की भी योजना सामने रखी गई।

राज्य सरकार 24 फरवरी को अपना वार्षिक बजट पेश करेगी। इस बार बजट का फोकस गुड गवर्नेंस, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास पर रहेगा। युवाओं, महिलाओं और किसानों के लिए विशेष योजनाओं की भी घोषणा की संभावना जताई गई है।

 विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश

विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) 11.57 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है और यह 6.31 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार:

  • कृषि क्षेत्र में 12.53% वृद्धि का अनुमान
  • उद्योग क्षेत्र में 10.26% वृद्धि की संभावना
  • सेवा क्षेत्र में 13.15% वृद्धि का अनुमान
  • स्थिर भावों पर 8.11% वृद्धि संभावित

वर्ष 2024-25 में राज्य ने 10.50% की वृद्धि दर्ज की।

  • कृषि क्षेत्र: 11.76%
  • उद्योग: 9.91%
  • सेवा क्षेत्र: 10.08%

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी योजनाओं के सकारात्मक प्रभाव से प्रति व्यक्ति आय 2025-26 में 1,79,244 रुपये होने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष से 10.07% अधिक है।

 विपक्ष का हमला

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार बजट को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि “थकी और झुकी हुई सरकार के पास बताने के लिए कोई नई उपलब्धि नहीं है।”

भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि इस बार के बजट से किसी बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है।

होली पर शराब दुकानें खुली रखने के सवाल पर उन्होंने मंत्री रामविचार नेताम पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार सामाजिक संवेदनशीलता को नजरअंदाज कर रही है।

राज्यसभा नामांकन को लेकर उन्होंने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान करेगा और अन्य नेताओं को भी अवसर मिलना चाहिए।

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