रायपुर।छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए सरकार ने एक बार फिर राहत का बड़ा कदम उठाया है। धान खरीदी के दौरान किसी कारण से वंचित रह गए किसानों को अब अपनी उपज बेचने का एक और अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घोषणा की है कि प्रदेश में 4 और 5 फरवरी को विशेष रूप से दो दिन के लिए दोबारा धान खरीदी की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा केवल उन्हीं किसानों के लिए होगी, जिनका धान तय अवधि में नहीं खरीदा जा सका था। समीक्षा बैठक के बाद सीएम साय ने बताया कि कुछ किसानों के टोकन कट चुके थे, लेकिन वे धान नहीं बेच पाए, वहीं कुछ किसानों का पंजीयन ही नहीं हो सका था। ऐसे सभी किसानों की पहचान कर ली गई है और इन्हीं किसानों से दो दिन धान खरीदी की जाएगी।
सीएम ने भरोसा दिलाया कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी वास्तविक किसान अपने हक से वंचित न रहे।
गौरतलब है कि राज्य में 15 नवंबर 2025 से शुरू हुए धान खरीदी महाभियान के तहत 31 जनवरी 2026 तक 25 लाख से अधिक किसानों से लगभग 140 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। इसके बदले किसानों को करीब 33,149 करोड़ रुपये का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के माध्यम से सीधे उनके खातों में किया गया है।
धान खरीदी की अवधि बढ़ाए जाने से अब वे किसान भी राहत महसूस कर रहे हैं, जो किसी कारणवश पहले अपना धान नहीं बेच पाए थे। सरकार का दावा है कि इस वर्ष धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और निगरानीयुक्त रही है।
इस खरीफ सीजन के लिए प्रदेश में 27 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। राज्यभर में संचालित 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी की जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभ केवल वास्तविक किसानों तक ही पहुंचे और बिचौलियों की कोई भूमिका न रहे।







