राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रवक्ता कंचना यादव उस समय असहज स्थिति में नज़र आईं, जब एक महिला पत्रकार ने उनसे उनके पहले दिए गए बयान को लेकर सीधा सवाल पूछा। पत्रकार ने पूछा—
“आपने कहा था कि UGC के नियमों के तहत सवर्णों को फँसाना चाहिए?”
सवाल सुनते ही कंचना यादव ने स्वयं जवाब देने के बजाय अपने साथ मौजूद तीन पुरुषों को आगे कर दिया। इसके बाद बिना किसी स्पष्ट उत्तर के वे वहां से चली गईं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो और तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
घटना के बाद राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं कि जब सार्वजनिक मंच पर दिए गए बयान पर स्पष्टीकरण माँगा गया, तो प्रवक्ता ने स्वयं जवाब देने से परहेज़ क्यों किया। विपक्ष का आरोप है कि यह मुद्दे से बचने और जवाबदेही से भागने का उदाहरण है।
Video Credit – Political Adda
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि लोकतंत्र में सवाल पूछना और जवाब देना दोनों ज़रूरी हैं। खासकर तब, जब सवाल किसी सार्वजनिक बयान और संवेदनशील सामाजिक विषय से जुड़ा हो।
इस पूरे मामले पर RJD की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सफ़ाई सामने नहीं आई है







