रायपुर। धान खरीदी की प्रक्रिया पूरी न होने और व्यवस्थागत गड़बड़ियों को लेकर किसानों में भारी असंतोष देखने को मिल रहा है। इसी के विरोध और जनजागरण के उद्देश्य से 28 जनवरी को ‘छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता’ रथयात्रा का आयोजन किया गया, जो मन्दलोर, सुन्दरकेरा, जामगांव, थनौद, उगेतरा, कठिया, तोरला, चोरभट्टी समेत कुल 10 गांवों में भ्रमण कर पहुँची।
गांव-गांव में रथयात्रा का जोरदार स्वागत हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान, युवा और ग्रामीणों ने संगठन की सदस्यता भी ग्रहण की। कई स्थानों पर किसानों ने रथयात्रा प्रभारी लाला राम वर्मा और आदिवासी नेता अशोक कश्यप को धान खरीदी में कथित धांधली, भुगतान में देरी और बिजली बिल में अनियमितताओं की समस्याओं से अवगत कराया।
विशेष रूप से मन्दलोर, सुन्दरकेरा, उगेतरा और कठिया गांवों में नुक्कड़ सभाओं का आयोजन किया गया। सभाओं को किसान नेता एवं रथयात्रा प्रभारी लाला राम वर्मा, आदिवासी नेता अशोक कश्यप और सामाजिक कार्यकर्ता बृज बिहारी साहू ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रसिद्ध लोक कलाकार लक्ष्मी निषाद ने किया।
रथयात्रा के साथ जन-जागरण के उद्देश्य से लोक कलाकारों की मंडली भी शामिल रही। गांवों के चौक-चौराहों पर पहुंचने से पहले कलाकारों द्वारा छत्तीसगढ़ी महतारी की वंदना और जागरण गीत प्रस्तुत किए गए, जिससे ग्रामीणों की बड़ी भीड़ स्वतः एकत्र हो गई। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने किसानों, युवाओं और खेतिहर मजदूरों को आंदोलन से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सभा को संबोधित करते हुए लाला राम वर्मा ने कहा कि जब तक धान खरीदी की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी नहीं होती और किसानों को उनका हक नहीं मिलता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।







