CG High Court: पटवारी के खिलाफ जांच का आदेश देने का अधिकार नहीं – राजस्व बोर्ड को झटका

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

बिलासपुर।छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि अपील या पुनरीक्षण की सुनवाई के दौरान राजस्व बोर्ड किसी भी शासकीय कर्मचारी के खिलाफ न तो प्रतिकूल टिप्पणी कर सकता है और न ही विभागीय जांच के आदेश दे सकता है। कोर्ट ने रायगढ़ जिले के एक पटवारी के खिलाफ जारी जांच आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।

यह मामला रायगढ़ जिले में पदस्थ पटवारी सच्चिदानंद साहू से संबंधित है। नामांतरण प्रकरण की सुनवाई करते हुए राजस्व बोर्ड ने तहसीलदार और पटवारी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कड़ी टिप्पणियां की थीं और दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के निर्देश दे दिए थे। इसी आदेश को चुनौती देते हुए पटवारी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने दलील दी कि राजस्व बोर्ड अपने पुनरीक्षण अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर इस प्रकार की कार्रवाई नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि बिना किसी पक्षकार को सुने जांच के आदेश देना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन है।

मामले की सुनवाई जस्टिस पी.पी. साहू की एकल पीठ में हुई। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्कों से सहमति जताते हुए राजस्व बोर्ड द्वारा जारी विभागीय जांच आदेश पर रोक लगा दी। इसके साथ ही राज्य शासन, राजस्व बोर्ड, आयुक्त, कलेक्टर और संबंधित तहसीलदार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

हाई कोर्ट के इस फैसले को राज्य के राजस्व विभाग में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment