अनिल दुबे के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा का सिरपुर बचाओ अभियान तेज

Madhya Bharat Desk
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महासमुंद।छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण संग्राम सेनानी एवं छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे के नेतृत्व में विश्व धरोहर सिरपुर को बचाने की मुहिम अब और तेज हो गई है। करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड और नूतन इस्पात एवं पावर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किए जा रहे कथित अवैधानिक कार्यों के विरोध में सत्याग्रही किसानों की अहम बैठक शुक्रवार को श्रीराम जानकी मंदिर, खैरझिटी में आयोजित की गई।

बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता प्रदेश किसान नेता छन्नूलाल साहू ने की। बैठक को संबोधित करते हुए अनिल दुबे ने कहा कि अवैध पावर कंपनियां न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए कूटरचित दस्तावेजों के सहारे शून्य राशि में रजिस्ट्री करा रही हैं। इस पूरे मामले को लेकर ईडी, ईओडब्ल्यू और प्रधानमंत्री कार्यालय में शपथपत्र के साथ शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है।

प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि महासमुंद जिले में आर्थिक लाभ के बदले अवैध उद्योगों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक प्रशासन अवैध कंपनियों के हित में काम करता रहेगा। किसानों ने आंदोलन को अब छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा से जोड़ने का निर्णय लिया है।

अनिल दुबे ने जानकारी दी कि 23 जनवरी 2026, नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती एवं बसंत पंचमी के अवसर पर पांच जिलों और तीन संभागों के वनांचल क्षेत्रों से एक साथ किसान सदस्यता अभियान की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्वयं कवर्धा जिले के रेंगाखार से अभियान का शुभारंभ करेंगे, जबकि महासमुंद जिले में यह अभियान विश्व धरोहर सिरपुर से शुरू होगा।

उन्होंने आगे बताया कि 26 जनवरी 2026 को 51 सामाजिक संगठनों की सहभागिता से छत्तीसगढ़ी महतारी अस्मिता रथ यात्रा का शुभारंभ मां महामाया मंदिर में महाआरती के साथ किया जाएगा। इस यात्रा में किसान, महिलाएं, युवा और छात्र बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने 28 नवंबर 2025 की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि थाना तुमगांव में छत्तीसगढ़ी महतारी को जब्त कर किसानों को जेल भेजा गया, जो छत्तीसगढ़ की अस्मिता पर सीधा हमला है। इस मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के कृत्य से किसानों में भारी आक्रोश है।

08 जनवरी को मुख्यमंत्री जनदर्शन के दौरान किसान छत्तीसगढ़ी महतारी के साथ पहुंचे थे, जहां मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महतारी को उपहार स्वरूप स्वीकार किया। किसानों ने इस दौरान कहा कि जिस छत्तीसगढ़ी महतारी को पहले जब्त किया गया था, वही आज सम्मान के साथ मुख्यमंत्री को सौंपी गई।

बैठक में परसराम ध्रुव, अशोक कश्यप, नाथूराम सिन्हा, लीलाधर पटेल, तोषण सिन्हा, प्रहलाद ध्रुव, धर्मेंद्र यादव, रतन पारधी सहित दस से अधिक गांवों के किसान, महिला किसान और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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