बिलासपुर।छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री और कथा वाचक प्रदीप मिश्रा पर तीखा हमला बोला है। बिलासपुर दौरे पर पहुंचे बघेल ने आरोप लगाया कि ये दोनों कथावाचक राज्य में केवल चंदा इकट्ठा करने के उद्देश्य से आते हैं और जनता को भ्रमित कर रहे हैं।
लिंगियाडीह स्थित अपोलो अस्पताल चौक पर पिछले 38 दिनों से चल रहे धरने को समर्थन देने पहुंचे भूपेश बघेल ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि वे सनातन धर्म के विरोधी नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं कई धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं, लेकिन धर्म के नाम पर धन उगाही को किसी भी हालत में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि सरकार चाहती है तो इन कथा वाचकों का स्वागत करे, लेकिन छत्तीसगढ़ की जनता का पैसा उन्हें न दिया जाए। उन्होंने दावा किया कि ये लोग हर महीने राज्य में आकर कथित “टोटकों” के जरिए लोगों को गुमराह करते हैं और चंदा वसूलते हैं।
भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में परंपरागत ब्राह्मण और संत हैं, जो बिना किसी आडंबर के समाज को मार्गदर्शन देते हैं। वे कभी यह दावा नहीं करते कि एक लोटा जल से सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी कथावाचक धर्म की आड़ में राज्य को लूटने का काम कर रहे हैं।
इस दौरान बघेल ने राज्य सरकार और भाजपा नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई भाजपा विधायक मंत्री पद न मिलने से नाराज़ हैं और सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दे रहे। उन्होंने अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक, अजय चंद्राकर और राजेश मूणत का नाम लेते हुए कटाक्ष किया।
डिप्टी सीएम अरुण साव पर हमला बोलते हुए बघेल ने कहा कि उनके विभाग में कोई ठोस काम नजर नहीं आ रहा है। जल जीवन मिशन की प्रगति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अब तक केवल कुछ सौ मीटर सड़क ही बन पाई है, जिसे सरकार बड़ी उपलब्धि बता रही है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भिलाई में आयोजित एक कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने भूपेश बघेल पर विवादित टिप्पणी की थी। इसके जवाब में बघेल ने उन्हें भाजपा का एजेंट बताया था। तब से दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी लगातार जारी है।







