इंडिगो एयरलाइंस से जुड़ा हालिया संकट भले ही अब थम गया हो, लेकिन उससे प्रभावित यात्रियों की परेशानियां अब भी खत्म नहीं हुई हैं। उड़ानें रद्द होने, घंटों एयरपोर्ट पर फंसे रहने और सही जानकारी व मदद न मिलने से नाराज़ यात्री अब कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी में हैं। विमानन विशेषज्ञ संजय लाजर का दावा है कि सैकड़ों यात्री एक साथ इंडिगो के खिलाफ ‘क्लास एक्शन’ मुकदमा दायर करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
संजय लाजर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इंडिगो संकट से प्रभावित यात्रियों का एक बड़ा समूह बन चुका है। उनके मुताबिक अब तक 829 यात्री इस पहल से जुड़ चुके हैं, जो एयरलाइंस से हुए नुकसान के लिए मुआवज़े की मांग को लेकर अदालत का दरवाज़ा खटखटाने की तैयारी कर रहे हैं। लाजर का कहना है कि संकट के कई दिन बीत जाने के बाद भी बड़ी संख्या में यात्री उनसे संपर्क कर रहे हैं, जिससे यह साफ है कि लोगों की नाराज़गी अभी भी बनी हुई है।
लाजर ने उन सभी यात्रियों से आगे आने की अपील की है, जिनकी उड़ानें रद्द हुईं, जो हवाई अड्डों पर लंबे समय तक फंसे रहे या किसी भी तरह से इस अव्यवस्था से प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि प्रभावित यात्री एक ईमेल भेजकर या गूगल फॉर्म भरकर इस समूह में शामिल हो सकते हैं, ताकि सामूहिक रूप से कानूनी कार्रवाई की जा सके। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी को इस प्रक्रिया को लेकर कोई सवाल है, तो वे सोशल मीडिया पर पोस्ट के नीचे अपनी शंका जाहिर कर सकते हैं।
क्लास एक्शन एक ऐसी कानूनी प्रक्रिया होती है, जिसमें समान नुकसान झेलने वाले लोग एक साथ मिलकर किसी कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर करते हैं। इसका मकसद न्याय की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाना होता है, ताकि एक जैसे मामलों में एक ही फैसला लिया जा सके और अदालतों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। अमेरिका समेत कई देशों में एयरलाइंस के खिलाफ इस तरह के मुकदमे पहले भी किए जा चुके हैं। अब देखना होगा कि भारत में इंडिगो के खिलाफ उठ रही यह आवाज़ किस मोड़ तक पहुंचती है और क्या यात्रियों को न्याय मिल पाता है।



