महासमुंद।विश्व धरोहर सिरपुर की सुरक्षा और किसानों की फसलों को प्रदूषण से बचाने के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा एक बार फिर निर्णायक संघर्ष की ओर बढ़ रहा है। अवैध करणी कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड और नूतन इस्पात एवं पावर प्रा.लि. पर प्रदूषण फैलाने और किसानों के धान को नुकसान पहुँचाने के आरोपों को लेकर सत्याग्रही किसान 12 दिसंबर को फिर से आंदोलन के लिए जुटेंगे।
इसी सिलसिले में 6 दिसंबर को खैरझिटी स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर परिसर में किसानों की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में सैकड़ों किसान, महिलाएं और छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे रहे, जबकि अध्यक्षता प्रसिद्ध रामायणी कलाकार एवं किसान नेता नंदकुमार साहू ने की। विशेष अतिथि के रूप में किसान नेता छन्नूलाल साहू और राजेश सिंह बिसेन भी मौजूद रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष अनिल दुबे ने कहा कि किसानों को उच्च न्यायालय समेत संवैधानिक न्यायालयों से न्याय मिला है, इसके बावजूद अवैध उद्योग बेखौफ होकर प्रदूषण फैला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि करणी कृपा पावर प्लांट के प्रदूषण से किसानों का धान प्रभावित हुआ है, जिससे ग्रामीण इलाकों में भारी नाराज़गी है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जिला प्रशासन द्वारा जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो दिल्ली किसान आंदोलन की तर्ज पर अवैध कंपनी के गेट पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। साथ ही मांग की गई कि महासमुंद कलेक्टर के आदेश पर शासकीय भूमि, आदिवासी भूमि, काबिज कास्त भूमि, राष्ट्रीय राजमार्ग, सिंचाई विभाग और वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण को बुलडोजर चलाकर हटाया जाए।
किसान नेताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी के अपमान को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है।
बैठक में बड़ी संख्या में स्थानीय किसान नेताओं के साथ-साथ महिला किसान, युवक और छात्र भी मौजूद रहे।






