X ने उजागर किया बड़ा खेल: भारत-विरोध की इंटरनेशनल लॉबी एक्सपोज़

Madhya Bharat Desk
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नई दिल्ली। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में Twitter) द्वारा हाल ही में जारी किए गए एक नए फीचर ने भारत में बड़ा हंगामा खड़ा कर दिया है। यह फीचर किसी भी अकाउंट की वास्तविक लोकेशन की जानकारी दिखाता है। फीचर के भारत में लॉन्च होते ही सोशल मीडिया पर एक्सपोज़ की मानो बाढ़ आ गई है और जो बातें अब तक सिर्फ अंदाज़ों में कही जाती थीं, वे अब प्रमाण के साथ सामने आने लगी हैं।

लंबे समय से सोशल मीडिया पर यह धारणा बनाई जाती रही कि भारत में दिखाई देने वाली डिजिटल क्रांति, राजनीतिक आंदोलन, जन-असंतोष, भाषा आधारित विभाजन और कट्टरपंथी एक्टिविज़्म भारतीय युवाओं और आम नागरिकों की आवाज़ है। लेकिन जैसे ही यह फीचर एक्टिव हुआ, यह खुलासा हुआ कि ऐसे अनेक अकाउंट, जिनके माध्यम से भारत-विरोधी नैरेटिव चलाए जा रहे थे, वास्तव में भारत के बाहर से संचालित हो रहे थे। कई अकाउंट्स की लोकेशन पाकिस्तान, बांग्लादेश, सऊदी अरब, यूके, यूएस और थाइलैंड जैसी जगहों पर दिखाई दी है।

जिन अकाउंट्स पर “Gen Z Revolution” और सामाजिक क्रांति की बात की जाती थी, या “Muslim IT Cell” के नाम पर धार्मिक ध्रुवीकरण का प्रयास किया जाता था, जिन हैंडल्स के माध्यम से भाषा के आधार पर विभाजन की कोशिशें की जा रही थीं—जैसे कन्नड़, तमिल और मलयालम समुदायों को भड़काने वाले पेज—वे भी हांगकांग, पाकिस्तान, बांग्लादेश और ओमान से ऑपरेट होते पाए गए हैं।

साथ ही, “Fact-check” के नाम पर एजेंडा चलाने वाले कई हैंडल्स, जिनमें Alt News से जुड़े नाम भी सामने आ रहे हैं, उनकी लोकेशन भी भारत के बाहर दर्ज की गई। इसके अलावा कांग्रेस से जुड़े कई आधिकारिक अकाउंट्स, जिनमें महाराष्ट्र कांग्रेस और हिमाचल कांग्रेस के अकाउंट शामिल बताए जा रहे हैं, उनकी कनेक्टिविटी थाइलैंड जैसी विदेश लोकेशन्स से दिखाई दी है। यहां तक कि कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के X अकाउंट को लेकर भी यह खुलासा सामने आया है कि उसकी लोकेशन भारत से बाहर की दिखाई दे रही है।

सबसे बड़ा खुलासा यह है कि हिंदू नामों और भारतीय प्रोफाइल फोटो का चेहरा लगाकर देश-विरोधी नैरेटिव चलाने वाले कई अकाउंट वास्तव में पाकिस्तान और बांग्लादेश से संचालित हो रहे थे। यही अकाउंट भारतीय राष्ट्रवादियों और देश समर्थक यूज़र्स को “Two Rupee Army” कहकर ट्रोल करते थे।

इन खुलासों के बाद यह सवाल और मजबूत हो गया है कि सोशल मीडिया पर चलने वाली यह डिजिटल एक्टिविज़्म वास्तव में भारतीय समाज की आवाज़ नहीं, बल्कि भारत को अस्थिर करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ये शुरुआती रिसर्च कुछ घंटों में इतना बड़ा खुलासा कर सकती है, तो आगे जांच में और गंभीर तथ्य सामने आ सकते हैं।

X का यह फीचर साफ इशारा करता है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाली कई आवाज़ें उतनी मासूम नहीं हैं जितना वे खुद को दिखाती हैं। डिजिटल युद्ध अब वास्तविकता है, और भारत के खिलाफ यह अभियान लगातार आकार लेता दिख रहा है। अब सवाल बड़ा है—क्या यह अंतरराष्ट्रीय डिजिटल ‘युद्ध’ है?

और क्या भारत की राजनीति के कुछ हिस्से इसे समर्थन दे रहे थे? संभवतः अब समय आ गया है कि किसी भी पोस्ट या अभियान पर विश्वास करने से पहले अकाउंट की लोकेशन जरूर देखी जाए।

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