छत्तीसगढ़ में फिर गूंजेगी बाघों की दहाड़! मध्यप्रदेश से लाए जाएंगे 6 टाइगर, जंगलों में 24×7 हाई-टेक निगरानी

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

रायपुर।छत्तीसगढ़ के शांत और घने जंगल जल्द ही बाघों की गरज से फिर से जीवंत होने वाले हैं। प्रदेश के दो महत्वपूर्ण टाइगर रिजर्व—गुरु घासीदास-तमोर पिंगला और उदंती-सीतानदी (USTR)—में बाघों की संख्या बढ़ाने के लिए मध्यप्रदेश से छह बाघ लाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। वन विभाग की टीम जल्द ही कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के लिए रवाना होगी, जहां से एक नर और दो मादा बाघों को USTR में और तीन बाघिनों को तमोर पिंगला के विस्तृत जंगलों में बसाया जाएगा। दोनों राज्यों के वन विभागों और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) की औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद यह अभियान तेज हो गया है।

बाघों को नए पर्यावरण में सुरक्षित और सहज बसाने के लिए हाई-टेक निगरानी व्यवस्था तैयार कर ली गई है। सभी बाघों के गले में GPS कॉलर लगाया जाएगा, जिससे उनकी लोकेशन, मूवमेंट और व्यवहार पर 24×7 नज़र रखी जा सकेगी। जंगलों में शिकार और जल स्रोतों को मजबूत करने, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने, गश्त को तेज करने और एंटी-पोचिंग यूनिट तैनात करने की कार्यवाही पहले ही शुरू हो चुकी है।

विशेषज्ञों के अनुसार गुरु घासीदास-तमोर पिंगला रिजर्व वन क्षेत्र, अनुकूल स्थलाकृति और भोजन की पर्याप्त उपलब्धता के कारण बाघों के दीर्घकालिक निवास के लिए उपयुक्त माना जाता है। वहीं USTR में बाघों की संख्या बढ़ने से जैव विविधता और पारिस्थितिक संतुलन दोनों को नई ताकत मिलेगी। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक यह सिर्फ बाघों की संख्या बढ़ाने का प्रयास नहीं बल्कि पर्यावरण संरक्षण का ऐतिहासिक कदम है, जो आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को मध्यभारत में बाघ संरक्षण का सर्वश्रेष्ठ मॉडल बना सकता है।

बाघों के आगमन को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में रोमांच और जिज्ञासा दोनों दिखाई दे रही है। विभाग द्वारा आसपास के गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें लोगों को मानव–वन्यजीव संघर्ष से बचाव और सुरक्षा उपायों के बारे में जानकारी दी जा रही है। इस बीच बार-नवापारा अभ्यारण्य में भी बाघों को बसाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। वर्तमान में प्रदेश में चार टाइगर रिजर्व—इंद्रावती, उदंती-सीतानदी, अचानकमार और तमोर–पिंगला—मौजूद हैं।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment