भोपाल जिले में वोटर लिस्ट के डिजिटाइजेशन को तेज़ करने के लिए प्रशासन ने 22 से 28 नवंबर तक हर दिन का अलग-अलग लक्ष्य तय किया है। सातों विधानसभा क्षेत्रों—बैरसिया, भोपाल उत्तर, नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, गोविंदपुर और हुजूर—में बीएलओ, एसडीएम और तहसीलदारों को रोज़ाना तय संख्या के फॉर्म डिजिटाइज करने होंगे।
पहले दिन बीएलओ को 50% तक फॉर्म डिजिटाइज करने का टारगेट दिया गया है, जबकि एसडीएम और तहसीलदारों को प्रति बीएलओ औसतन 75 फॉर्म डिजिटाइज करवाना होगा। आने वाले दिनों में यह टारगेट और बढ़ेगा ताकि पूरे जिले में डिजिटाइजेशन का काम तेज़ी से पूरा हो सके।
हर सुबह 10 बजे तक ऑनलाइन रिपोर्ट के आधार पर पता लगाया जाएगा कि कौन अधिकारी या कर्मचारी अपना लक्ष्य पूरा कर पाया। जो भी कर्मचारी टारगेट पूरा करेगा, उसे उसी दिन प्रमाण पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही ‘स्टार ऑफ द डे’ का नाम संबंधित दफ्तरों में चस्पा किया जाएगा, ताकि दूसरों को भी प्रेरणा मिले।
अब तक जिले में 21.25 लाख वोटरों में से 20.87 लाख फॉर्म बांटे जा चुके हैं, लेकिन केवल 4.15 लाख फॉर्म ही वापस आए हैं। यही वजह है कि डिजिटाइजेशन को और मजबूत व तेज़ करने पर जोर दिया जा रहा है।
इसके अलावा, प्रशासन ने एक नया पोर्टल भी शुरू किया है जिसमें लोग 2003 की वोटर लिस्ट तक का डेटा खोज सकते हैं। इससे मतदाताओं को अपना नाम देखने, फॉर्म भरने और BLO की जानकारी प्राप्त करने में आसानी होगी।







