छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित पं. सुंदरलाल शर्मा ओपन यूनिवर्सिटी एक बार फिर चर्चा में है। विश्वविद्यालय में भर्ती प्रक्रिया के दौरान अनियमितताओं के आरोपों ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. भूवन सिंह राज को उच्च शिक्षा विभाग ने निलंबित कर दिया है।
मामला विश्वविद्यालय में स्ववित्तीय योजना के तहत की जा रही 8 पदों पर भर्ती से जुड़ा है। इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया 2023 में शुरू हुई थी, लेकिन विज्ञापन से लेकर चयन प्रक्रिया तक कई स्तरों पर गड़बड़ी की शिकायतें लगातार उठती रहीं। उम्मीदवारों और कर्मचारियों ने आरक्षण, लिखित परीक्षा, आयु सीमा और साक्षात्कार की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए थे।
इन शिकायतों के आधार पर विधायक डॉ. राघवेंद्र कुमार सिंह ने विधानसभा सत्र के दौरान भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता को लेकर सवाल उठाया था। उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या अपात्र उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों की अनदेखी की गई है। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से रजिस्ट्रार डॉ. भूवन सिंह राज ने जानकारी दी, जो बाद में गलत और भ्रामक पाई गई।
उच्च शिक्षा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय से जवाब तलब किया। जब जांच में यह पाया गया कि विधानसभा में दी गई जानकारी तथ्यहीन थी, तो विभाग ने डॉ. राज को निलंबित करने का निर्णय लिया। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वी.के. सारस्वत ने प्रशासनिक आदेश जारी करते हुए रजिस्ट्रार को कार्यमुक्त कर दिया और परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनीष साव को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।
जानकारी के अनुसार, इन आठ पदों में सहायक क्षेत्रीय निदेशक, सिस्टम एनालिस्ट, प्रोग्रामर, छात्र कल्याण अधिकारी, सहायक छात्र कल्याण अधिकारी और जनसंपर्क अधिकारी जैसे पद शामिल हैं। इन भर्तियों में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर पहले भी राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायतें पहुंची थीं।
इस पूरे घटनाक्रम से विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल उच्च शिक्षा विभाग ने जांच रिपोर्ट तलब कर ली है और संकेत दिए हैं कि यदि आगे और अनियमितता पाई गई तो अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।



