रायपुर।राज्य आंदोलनकारी संगठनों की संयुक्त बैठक आज छत्तीसगढ़ी भवन, ठाकुर प्यारेलाल सिंह मार्ग, हांडीपारा रायपुर में आयोजित की गई। बैठक में छत्तीसगढ़ी समाज पार्टी, छत्तीसगढ़ संयुक्त किसान मोर्चा और सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता दाऊ जी.पी. चंद्राकर, अध्यक्ष राज्य आंदोलनकारी छसपा एवं किसान मोर्चा के संस्थापक ने की। बैठक का संचालन अनिल दुबे, अध्यक्ष राज्य आंदोलनकारी छसपा किसान मोर्चा ने किया और एजेंडा पर बिंदुवार चर्चा रखी।
बैठक में जागेश्वर प्रसाद, लालाराम वर्मा, वेगेद्र सोनवेर, चेतन देवांगन, अशोक कश्यप, शिवनारायण ताम्रकार, गोवर्धन वर्मा, बृजबिहारी साहू, रघुनंदन साहू, के.के. अग्रवाल, संतोष श्रीवास, गंगाराम साहू, हेमा महमल्ला, रितु महंत समेत कई प्रमुख कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव:
(1) बाहरी उद्योगपतियों और भूमि माफियाओं द्वारा छत्तीसगढ़ियों की भूमि पर अवैध कब्ज़ा किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। बैठक में कहा गया कि 1929 से भूमि रिकॉर्ड की जांच कर सभी फर्जी कब्जों का खुलासा किया जाए। ऐसे उद्योगपतियों और भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
(2) शरणार्थियों को मतदाता सूची में शामिल करने और बैंक ऋण दिलाने के मामले में पारदर्शी जांच की मांग की गई। सदाणी दरबार में दर्ज सैकड़ों संदिग्ध नामों की सूची चुनाव आयोग रायपुर, छत्तीसगढ़ और नई दिल्ली को सौंपी गई है।
(3) छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बाहरी शरणार्थियों को संरक्षण देने की कड़ी निंदा की गई। कहा गया कि यदि छत्तीसगढ़ियों के अधिकारों का हनन हुआ तो राज्य आंदोलनकारी क्रांति सेना का गठन कर जन आंदोलन छेड़ेंगे। इसके लिए 1 लाख रुपये का सहयोग चेक देने का निर्णय लिया गया।
(4) सदाणी दरबार के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। रितु महंत ने शरणार्थियों द्वारा छत्तीसगढ़ियों को डराने-धमकाने की घटनाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने हेतु हस्ताक्षर किए। आंदोलनकारी संगठनों ने क्रांति सेना को कानूनी व आर्थिक सहायता देने का संकल्प दोहराया।
(5) किसानों की फसल को कृपा पावर प्राइवेट लिमिटेड के प्रदूषण से नुकसान के मामले में जन आंदोलन का आह्वान किया गया। आंदोलन के दौरान छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा और खराब फसल प्रदर्शन स्थल पर रखकर विरोध दर्ज किया जाएगा।






