छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। बस्तर में पदस्थ संयुक्त संचालक राकेश पांडे को राज्य सरकार ने उनके पद से हटा दिया है। यह निर्णय उस समय लिया गया जब क्षेत्र के शिक्षकों में उनके खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा था। बताया जा रहा है कि शिक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार और तानाशाही रवैये के कारण उनके खिलाफ व्यापक विरोध की तैयारी चल रही थी। सात नवंबर को शिक्षकों ने बस्तर में पांडे के खिलाफ बड़े प्रदर्शन का ऐलान भी किया था, लेकिन उससे पहले ही शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके पद से मुक्त कर दिया।
नए आदेश के अनुसार, एच.आर. सोम को बस्तर का नया संयुक्त संचालक नियुक्त किया गया है। यह आदेश 4 नवंबर 2025 को जारी किया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार ने स्थिति को शांत करने के लिए त्वरित कदम उठाया।
घटना की पृष्ठभूमि में एक ऐसी घटना सामने आई थी जिसमें राकेश पांडे ने जींस पहनकर आए एक शिक्षक को अपने कार्यालय से अपमानजनक तरीके से निकाल दिया था। इस व्यवहार से शिक्षक समाज में आक्रोश फैल गया और पूरे जिले के शिक्षकों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी।

शिक्षक संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि बस्तर के संयुक्त संचालक को नहीं हटाया गया, तो 7 नवंबर को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा। सरकार ने हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए शिक्षकों की मांग मान ली और आदेश जारी कर राकेश पांडे को हटा दिया।
इस फैसले से शिक्षकों में राहत की भावना देखी जा रही है। वे इसे अपने सम्मान की जीत मान रहे हैं। वहीं, प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि किसी भी अधिकारी को अपने अधीनस्थों के साथ अनुचित व्यवहार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।



