छत्तीसगढ़ दौरे पर पीएम मोदी का कला-साहित्य प्रेम, तीजन बाई और विनोद शुक्ल से की बातचीत, जनजातीय परंपरा को भी दिया सम्मान

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

रायपुर:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ दौरा इस बार सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि कला, संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा नजर आया। उन्होंने न केवल पद्म विभूषण से सम्मानित पंडवानी लोकगायिका तीजन बाई का हाल जाना, बल्कि देश के प्रख्यात साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल से भी फोन पर बातचीत की।

तीजन बाई के परिजनों ने बताया कि जब उन्हें यह जानकारी दी गई कि खुद प्रधानमंत्री फोन पर बात करना चाहते हैं, तो वे बेहद आश्चर्यचकित रह गए। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी तबीयत को लेकर चिंता जताई और उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। वहीं अस्पताल में भर्ती विनोद शुक्ल से बातचीत के दौरान पीएम ने कहा, “अगर किसी चीज़ की जरूरत हो, तो बेझिझक बताएं।”

जनजातीय संस्कृति को दिया सम्मान:

छत्तीसगढ़ यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रामनामी जनजाति के सदस्यों से भेंट की। उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल तोड़कर मंच पर जाकर आदिवासी समाज द्वारा भेंट किया गया मोरपंख से बना पारंपरिक मुकुट “खुमरी” स्वीकार किया।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि “आदिवासी संस्कृति हमारी असली पहचान है, इसे संजोना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
इससे पहले पीएम ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय का उद्घाटन किया और ब्रह्मकुमारी के शांति शिखर ध्यान केंद्र का लोकार्पण भी किया।

पीएम मोदी की बच्चों से भावनात्मक मुलाकात:

नवा रायपुर के श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में प्रधानमंत्री मोदी ने दिल की सर्जरी करवा चुके बच्चों से मुलाकात की। एक बच्ची ने बताया कि वह बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है। पीएम ने मुस्कुराते हुए पूछा, “जब तुम डॉक्टर बनोगी, तो मेरा भी इलाज करोगी?”
बच्ची ने तुरंत जवाब दिया, “हां, बिल्कुल! मैं सबका इलाज करूंगी।”
पीएम ने कहा कि देश के ये नन्हे बच्चे ही भविष्य के असली “दिल वाले हीरो” हैं।

माओवादी आतंक पर कड़ा संदेश:

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के रजत महोत्सव में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “अब वह दिन दूर नहीं जब हमारा देश माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा।”
उन्होंने बताया कि पहले देश के 125 जिले नक्सल प्रभावित थे, लेकिन अब केवल तीन जिले ही ऐसे बचे हैं जहां माओवादी गतिविधियां सीमित हैं।
पीएम ने कहा, “जहां कभी लाल झंडा लहराता था, अब वहां शान से तिरंगा फहरा रहा है।”
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग संविधान की किताब दिखाकर जनता को भ्रमित करते हैं, जबकि असली सामाजिक न्याय की राह पर भारत आगे बढ़ चुका है।

प्रधानमंत्री ने इस दौरान राज्य को कई विकास परियोजनाओं की सौगात दी और कहा कि “छत्तीसगढ़ का स्वर्ण युग अब शुरू हो चुका है।”

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment