रायपुर। छत्तीसगढ़ वन विभाग की 1628 वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया अब PCCF (प्रधान मुख्य वन संरक्षक) पद पर रहे वी. श्रीनिवास के कार्यकाल के सबसे बड़े विवादों में से एक बन गई है। इस भर्ती में करोड़ों रुपये के घोटाले और नियमों के घोर उल्लंघन के आरोपों ने लगभग 1.5 लाख अभ्यर्थियों के भविष्य को अधर में डाल दिया है।
श्रीनिवास के कार्यकाल में हैदराबाद की कंपनी को मिला करोड़ों का ठेका
भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत में ही वी. श्रीनिवास के फैसलों पर सवाल खड़े हो गए थे। आरोप है कि उनके मार्गदर्शन में, हैदराबाद की ‘टाइमिंग टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नामक निजी कंपनी को प्रति अभ्यर्थी ₹240 की दर से ठेका दिया गया। लगभग डेढ़ लाख उम्मीदवारों के हिसाब से यह भुगतान करोड़ों में है।
विपक्षी नेताओं का स्पष्ट आरोप है कि PCCF वी. श्रीनिवास ने भर्ती नियमों को दरकिनार करते हुए यह ठेका एक ऐसी कंपनी को दिया, जिसकी पारदर्शिता की जांच संदेह के घेरे में है। सवाल यह है कि इतनी संवेदनशील प्रक्रिया को निजी हाथों में सौंपने का निर्णय किसके दबाव में लिया गया।
4000 मैनुअल टेस्ट: सीधे-सीधे अनियमितता का प्रमाण
भर्ती के नियमों के तहत, सभी फिजिकल टेस्ट (नापझोंक) अत्याधुनिक मशीनों से होने थे, लेकिन श्रीनिवास के कार्यकाल में हुई जांच में सबसे बड़ी अनियमितता सामने आई। चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 4000 उम्मीदवारों की जांच मैनुअल तरीके से कराई गई।
यह न केवल भर्ती के मूल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि प्रक्रिया में जानबूझकर हेराफेरी की गई ताकि कुछ उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुंचाया जा सके। तकनीकी अनियमितताओं और मैनुअल टेस्ट के कारण आज तक वनरक्षकों की नियुक्ति रुकी हुई है।
कार्रवाई से क्यों बचते रहे श्रीनिवास?
नवंबर-दिसंबर 2024 में करोड़ों के संसाधन खर्च करने के बावजूद, वनरक्षकों की नियुक्ति आज तक नहीं हो पाई है। हजारों अभ्यर्थी लगातार विभागीय कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। वी. श्रीनिवास पर आरोप है कि उनके पद पर रहते हुए इन गंभीर अनियमितताओं पर पर्दा डालने का प्रयास किया गया और उन्होंने इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लेने से खुद को अलग रखा।
राज्य विधानसभा में भी यह मुद्दा कई बार गूंजा, जहाँ विपक्ष ने सीधे-सीधे श्रीनिवास पर अनियमितताओं का आरोप लगाया।
अब नई सरकार की सख्ती: उच्चस्तरीय जांच तय
सूत्रों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में सरकार बदलने के बाद अब इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। वी. श्रीनिवास के कार्यकाल के इस विवादित मामले की उच्चस्तरीय जांच की तैयारी चल रही है।
माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह जांच कमेटी उन सभी फैसलों और अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा करेगी, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर करोड़ों का ठेका दिया और 4000 उम्मीदवारों की मैनुअल जांच कराई। यह तय माना जा रहा है कि PCCF वी. श्रीनिवास के खिलाफ इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।







