एसआईआर बना बिहार चुनाव 2025 का गेमचेंजर, 68.5 लाख नाम हटे, 21.53 लाख नए वोटर जुड़े

Madhya Bharat Desk
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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए तारीखें घोषित होते ही स्पष्ट हो गया कि यह पिछले 25 साल का सबसे छोटा चुनाव है। 40 साल बाद राज्य में चुनाव दो चरणों में होंगे। पिछली बार 1985 में ही दो चरणों का मतदान हुआ था। इसके बाद 1995 में पांच, 2000 में तीन, 2005 में तीन और चार, 2010 में छह, 2015 में पांच और 2020 में तीन चरणों में वोटिंग हुई थी।

इस बार मतदान की प्रक्रिया तेज़ है। चुनाव की घोषणा के 39वें दिन नतीजे आएंगे, जबकि 2020 में यह अवधि 46, 2015 में 60 और 2010 में 79 दिन थी। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर तक है, जिसके बाद नई सरकार का गठन संवैधानिक रूप से जरूरी होगा।

इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा है एसआईआर (मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण)। पिछला एसआईआर 2003 में हुआ था। 2025 में बड़े बदलाव के तहत वोटर सूची से 68.5 लाख नाम हटाए गए और 21.53 लाख नए जोड़े गए। कुल वोटर संख्या अब 7.42 करोड़ रह गई है।

एसआईआर का असर सीटों पर:

  • 120 सीटों पर वोट बढ़े,
  • 123 सीटों पर घटे,
  • सीमांचल क्षेत्र में सर्वाधिक वोट कटे।

गठबंधन और सीट शेयरिंग:

दोनों बड़े गठबंधनों में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान है। एनडीए में चिराग पासवान और इंडिया गठबंधन में राजद के कारण देरी हुई।

प्रमुख चुनावी मुद्दे:

  • एनडीए: घुसपैठियों और जंगलराज पर जोर।
  • इंडिया गठबंधन: बेरोजगारी और वोट चोरी मुद्दा बना।

घोषणाएं और वादे:

  • एनडीए: 5 साल में 1 करोड़ रोजगार, महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण, बिजली पर छूट।
  • महागठबंधन: आरक्षण में 50% सीमा खत्म, सभी कॉलेजों में आरक्षण।

जातीय गणित:

  • ओबीसी-ईबीसी: ~63%
  • ईबीसी अकेले: 36%
  • एससी-एसटी: 21%+
  • सवर्ण: 15%
  • मुस्लिम-यादव: राजद और इंडिया गठबंधन आधार
  • कुर्मी, कोरी, अन्य गैर-यादव ओबीसी: जदयू आधार
  • भाजपा: सवर्ण + कुछ ओबीसी में ताकत

पार्टी व वोट शेयर (विधानसभा और लोकसभा)

पार्टी विधानसभा-20 सीटें वोट शेयर लोकसभा-24 सीटें वोट शेयर
भाजपा 74 19.46% 12 20.52%
जदयू 43 15.39% 12 18.52%
राजद 75 23.11% 4 22.14%
कांग्रेस 19 9.48% 3 9.20%
वामदल 16 4.64% 2 2.99%
अन्य 16 27.92% 7 26.63%
कुल 243 100% 40 100%

प्रमुख उम्मीदवार:

  • नीतीश कुमार (74 वर्ष): 20 साल से CM, 9 बार शपथ।
  • तेजस्वी यादव (35 वर्ष): पिता लालू की गैरमौजूदगी में पार्टी संभाली। 2020 में 75 सीटें जीती।
  • प्रशांत किशोर (48 वर्ष): रणनीतिकार से नेता बने। नई जन सुराज पार्टी बनाई।

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