आगरा। एत्मादपुर तहसील में राजस्व विभाग के बाबू और एसडीएम के बीच गंभीर विवाद का मामला सामने आया है। बाबू ने आरोप लगाया है कि एसडीएम ने उन्हें कमरे में बंद कर डंडे से पीटा, कुर्सी फेंकी और होमगार्ड की राइफल तान दी। वहीं, एसडीएम ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बाबू ने रिकॉर्ड न देने पर बदसलूकी की।
बाबू का आरोप
राजस्व विभाग में तैनात बाबू वीरेंद्र सिंह ने बताया कि वह शुक्रवार को अपने कार्यालय में कार्य कर रहे थे। इसी दौरान एसडीएम एत्मादपुर सुमित सिंह होमगार्ड के साथ पहुंचे और कमरा बंद कर लिया। आरोप है कि उन्होंने गाली-गलौज करते हुए कुर्सी फेंकी और डंडे से पीटा। इतना ही नहीं, होमगार्ड की राइफल उठाकर जान से मारने की धमकी दी।
वीरेंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें जबरन कमरे से बाहर निकालकर ताला लगा दिया गया। साथी कर्मचारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद बाबू ने कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ मिलकर जिलाधिकारी से शिकायत की और कार्रवाई की मांग की।
कर्मचारी संघ का रुख
उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के जिला एवं मंडल अध्यक्ष नरेंद्र कुमार भारद्वाज ने कहा कि एसडीएम कई बार कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार कर चुके हैं। उन्होंने मांग की कि एसडीएम को तत्काल स्थानांतरित किया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
एसडीएम का पक्ष
एसडीएम सुमित सिंह ने कहा कि सभी आरोप झूठे हैं। उन्होंने बताया कि बाबू से राजस्व रिकॉर्ड मांगा गया था, लेकिन न तो रिकॉर्ड दिया गया और न ही कोई स्पष्टीकरण। बाबू ने उल्टा दुर्व्यवहार किया।
डीएम का बयान
डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। यदि मामला हुआ है तो इसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अफसर-बाबू टकराव के पुराने मामले
यह पहली बार नहीं है जब अफसर और बाबू आमने-सामने आए हों। पहले भी डीएम रहे प्रभु एन सिंह पर एक बाबू ने हमला किया था। वहीं, समीक्षा बैठक के दौरान डीएम भानु चंद्र गोस्वामी से एक बीडीओ ने अभद्रता की थी।







