लोक निर्माण विभाग (PWD) में चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर ठेकेदारों ने कई गंभीर समस्याएं उठाई हैं। एसोसिएशन ने विभाग से भुगतान में हो रही देरी, निविदा प्रक्रिया में सुधार और अनावश्यक आदेशों को बंद करने की मांग की है।
ठेकेदारों का कहना है कि निर्माण कार्यों का भुगतान तीन माह के भीतर किया जाए, ताकि वे तेजी से काम कर सकें। वर्तमान में भुगतान को लेकर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार अनुबंध पत्रक के अनुरूप काम करते हैं, लेकिन विभाग द्वारा आए दिन नए आदेश जारी करने से कार्य प्रभावित हो रहा है। ठेकेदारों ने इन आदेशों को बंद करने की गुहार लगाई।
इसके अलावा प्रमुख अभियंता कार्यालय द्वारा वर्क कोड जारी होने के बाद थर्ड पार्टी चेकिंग का आदेश दिया गया है। ठेकेदारों का कहना है कि जब उप अभियंता, सहायक अभियंता और कार्यपालन अभियंता पहले ही देयक तय करते हैं तो थर्ड पार्टी चेकिंग की कोई जरूरत नहीं है। इसी कारण भुगतान में 2 से 3 माह की देरी हो रही है और ठेकेदारों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
निविदा प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए एसोसिएशन ने कहा कि टेंडर खोलने की प्रक्रिया में 2 से 3 माह का समय लग रहा है। उनकी मांग है कि टेंडर उसी दिन खोले जाएं जिस दिन की तिथि तय हो और ईएमडी राशि तुरंत वापस की जाए।
गुणवत्ता को लेकर भी ठेकेदारों ने गंभीर चिंता जताई। उनका कहना है कि वर्तमान में कई निविदाएं एसओआर से नीचे की दरों पर आ रही हैं। एसोसिएशन ने ओडिशा सहित अन्य राज्यों की तरह नियम लागू करने की मांग की है, जिसके तहत 10% से अधिक बिलो आने पर निविदा रद्द कर दी जाती है। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनी रहती है।
एसोसिएशन ने लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर ठेकेदारों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए। इस दौरान कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।







