आदर्श विद्यालय में छात्रों की मौली काटने और तिलक रोकने पर हंगामा, धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन का आरोप

Madhya Bharat Desk
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राजधानी रायपुर के मोवा स्थित आदर्श विद्यालय एक बार फिर विवादों में घिर गया है। स्कूल प्रशासन पर छात्रों की धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, बीते दिनों स्कूल में पढ़ने वाले कुछ छात्रों के हाथों में बंधे मौली (कलावा) धागों को जबरन काटने और माथे पर तिलक लगाने से रोकने की शिकायतें सामने आई हैं।

इन घटनाओं के बाद अभिभावक नाराज हो गए और स्कूल पहुंचकर जमकर विरोध दर्ज कराया। उन्होंने स्कूल प्रशासन के रवैये पर आपत्ति जताई और इसे बच्चों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए स्कूल को नोटिस जारी किया है। आयोग ने स्कूल प्रबंधन से 13 अक्टूबर तक लिखित जवाब मांगा है। आयोग की अध्यक्ष वर्तिका शर्मा ने कहा कि यदि आरोप सही पाए गए, तो यह बच्चों की धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन होगा, जो संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों में शामिल है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग बच्चों की धार्मिक, सामाजिक और मानसिक स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे किसी भी कार्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, जो बच्चों के अधिकारों और भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।

यह मामला राज्य में शिक्षा संस्थानों में धार्मिक स्वतंत्रता और परंपरागत प्रथाओं को लेकर एक बार फिर बहस का विषय बन गया है। अब सभी की नजरें स्कूल प्रबंधन के जवाब पर टिकी हैं, जो 13 अक्टूबर तक आयोग को सौंपा जाएगा।

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