दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में स्थित श्री शारदा इंस्टिट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च के हेड स्वामी चेतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को दिल्ली पुलिस ने 27 सितंबर की रात आगरा से गिरफ्तार किया। स्वामी चेतन्यानंद पर संस्थान की कई छात्राओं ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपों की जांच के बाद चेतन्यानंद के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें मेडिकल जांच के लिए सफदरजंग अस्पताल में पेश किया और उसके बाद उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट में ले जाया गया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है ताकि आगे की पूछताछ की जा सके।
जानकारी के अनुसार, चेतन्यानंद लंबे समय से फरार चल रहे थे। दिल्ली पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी थीं। उनकी आखिरी लोकेशन आगरा में मिलने के बाद उन्हें वहीं से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें वसंत कुंज पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां से उन्हें कोर्ट में पेश किया गया।
दिल्ली पुलिस ने चेतन्यानंद के पास से दो फर्जी विजिटिंग कार्ड भी बरामद किए हैं। इनमें से एक कार्ड में उन्हें संयुक्त राष्ट्र (UN) में भारत का स्थायी राजदूत बताया गया है, जबकि दूसरे में उन्हें ब्रिक्स संयुक्त आयोग का सदस्य और भारत का विशेष दूत बताया गया है। पुलिस इन कार्ड्स की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चेतन्यानंद इन फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कहाँ और कैसे कर रहे थे।
पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। साथ ही, संस्थान में पढ़ने वाली अन्य छात्राओं के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं ताकि और सबूत इकट्ठे किए जा सकें।
यह मामला दिल्ली के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में फैले यौन उत्पीड़न के मामलों पर एक बार फिर सवाल खड़ा करता है, जहाँ छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं।






