चुनाव आयोग ने मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने के लिए नया नियम लागू किया है। अब ईवीएम (EVM) की गिनती का दूसरा अंतिम चरण तभी होगा, जब डाक मतपत्रों की गिनती पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। इस व्यवस्था की शुरुआत आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से होगी।
चुनाव आयोग का नया निर्णय
लोकसभा और विधानसभा चुनावों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने डाक मतपत्रों की गिनती की प्रक्रिया को पूरी तरह सुव्यवस्थित करने का निर्णय लिया है। पहले नियमों के तहत, गिनती के दिन सुबह 8 बजे डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होती थी और 8:30 बजे ईवीएम की गिनती। ऐसे में कई बार ईवीएम गिनती, डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने से पहले ही खत्म हो जाती थी।
अब नया प्रावधान यह होगा कि डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने तक ईवीएम की गिनती का दूसरा अंतिम चरण नहीं खोला जाएगा।
बिहार चुनावों में पहली बार लागू
यह नई व्यवस्था सबसे पहले बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में लागू होगी। आयोग का कहना है कि इससे चुनाव परिणामों में पारदर्शिता बढ़ेगी और मतदाताओं व उम्मीदवारों को पूर्ण भरोसा मिलेगा।
संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि जिन निर्वाचन क्षेत्रों में डाक मतपत्रों की संख्या अधिक होगी, वहां गिनती के लिए अतिरिक्त टेबल और कर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसका उद्देश्य समय पर और सुचारु मतगणना सुनिश्चित करना है।
डाक मतपत्रों की संख्या क्यों बढ़ी?
हाल ही में दिव्यांग मतदाताओं और 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर से मतदान की सुविधा दी गई है। इसके चलते डाक मतपत्रों की संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। यही कारण है कि आयोग ने गिनती की प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित करने का निर्णय लिया है।
जनता का भरोसा बढ़ेगा
आयोग का मानना है कि डाक मतपत्रों की गिनती पूरी होने के बाद ही ईवीएम की अंतिम गिनती शुरू करने का नया नियम चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा और मजबूत करेगा। इससे उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के बीच किसी भी तरह के असंतोष या भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी।







