दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (DUSU Election 2025) में इस बार राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा संदेश निकलकर सामने आया है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अध्यक्ष समेत तीन प्रमुख पदों पर शानदार जीत हासिल की है। वहीं, कांग्रेस की छात्र इकाई राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) को केवल उपाध्यक्ष पद से संतोष करना पड़ा।
एबीवीपी की शानदार जीत
एबीवीपी ने अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव जैसे बड़े पदों पर जीत दर्ज कर एक बार फिर अपनी मजबूत पकड़ दिखाई है। यह नतीजे साफ करते हैं कि छात्रों का विश्वास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विज़न पर कायम है।
एनएसयूआई को झटका
राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी जिस समर्थन की उम्मीद युवाओं से कर रही थी, वह पूरी तरह टूट गया। एनएसयूआई केवल उपाध्यक्ष पद पर ही जीत दर्ज कर पाई। छात्रों ने यह साफ संकेत दिया कि वे अराजकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र और स्थिरता को प्राथमिकता देते हैं।
युवाओं का संदेश
छात्रों ने इस चुनाव में तीन अहम बातें स्पष्ट कर दीं—
- लोकतंत्र में आस्था ही सबसे बड़ी ताकत है।
- मोदी सरकार की नीतियों को युवाओं का समर्थन जारी है।
- नरेंद्र मोदी अब भी युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय नेता हैं, चाहे उनकी उम्र 75 वर्ष ही क्यों न हो।
राहुल गांधी को बड़ा संदेश
राहुल गांधी जी, यह देश की जनता और विशेषकर युवा ही तय करते हैं कि कौन जीतेगा और कौन सत्ता की गद्दी संभालेगा।
जिन युवाओं ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाया, उन्हीं युवाओं ने आज डूसू चुनाव में एबीवीपी की जीत से यह जता दिया कि उनका भरोसा कहाँ है।







