राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस.) के परम पूज्य सरसंघचालक आदरणीय डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि जब भारत स्वतंत्र हुआ था तब ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री विंस्टन चर्चिल ने भविष्यवाणी की थी कि भारत ज्यादा दिनों तक एकजुट नहीं रह पाएगा और टूट जाएगा। लेकिन समय ने यह साबित कर दिया कि वह भविष्यवाणी पूरी तरह असत्य थी।
डॉ. भागवत जी ने कहा, “भारत आज भी अखंड और अटल है तथा निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वहीं चर्चिल का अपना देश इंग्लैंड आज टूटने की कगार पर है। भारत कभी नहीं बँटेगा। हम सब मिलकर राष्ट्र को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँगे।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, समाज की आत्मीय एकता और राष्ट्रभक्ति ही हमारी सबसे बड़ी ताक़त है, जिसने देश को सशक्त बनाए रखा है और आगे भी यही भारत को विश्वगुरु की ओर ले जाएगी।







