रायपुर।छत्तीसगढ़ में एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को 20 दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन समाधान की जगह अब यह विवाद और गहराता नजर आ रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को कहा कि कर्मचारियों की मांगों की समीक्षा के लिए छह सदस्यीय टीम बनाई जाएगी। इस टीम में GAD, वित्त और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे, जो दूसरे राज्यों में जाकर यह देखेंगे कि वहां कैसे काम हो रहा है।
मंत्री जायसवाल ने हड़ताली कर्मचारियों से अपील की कि वे तुरंत अपने काम पर लौटें और प्रदेश की प्रगति में सहयोग करें।

सरकार का नया ‘लॉन्ग टर्म प्लान’!
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि समिति अन्य राज्यों का निरीक्षण करेगी और भविष्य में उसकी रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा। लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि सरकार की यह प्रक्रिया महज समय निकालने वाली है।
व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा, “पहले कमेटी बनेगी, फिर 10-15 साल में रिपोर्ट आएगी। उसके बाद अगर सरकार को मांगें लागू करने योग्य लगीं, तो शायद 21 साल बाद उन पर अमल होगा। क्योंकि 2047 तक ‘विकसित छत्तीसगढ़’ बनाने का टारगेट जो है!”

हड़ताल पर अड़े कर्मचारी
एनएचएम कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण और वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक ठोस आश्वासन नहीं मिला है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर नहीं लौटेंगे।
सरकार और कर्मचारियों के बीच यह टकराव प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को गंभीर संकट की ओर धकेल रहा है।



