रायपुर।छत्तीसगढ़ की जनता के स्वास्थ्य से फिर खिलवाड़ किए जाने का बड़ा मामला सामने आया है। महासमुंद की विवादित दवा कंपनी 9M इंडिया, जिस पर घटिया और अमानक दवाएं सप्लाई करने के गंभीर आरोप लगे थे, को एक बार फिर से बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिल गया है। आश्चर्य की बात यह है कि कंपनी को CGMSC के टेंडर क्रमांक 164 में स्वीकृत 34 दवाओं में से 23 दवाओं की सप्लाई का ठेका दिया गया है।

ब्लैकलिस्ट होनी चाहिए थी कंपनी, मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह वही कंपनी है जिसे अब तक ब्लैकलिस्ट कर देना चाहिए था और संचालकों को जेल में होना चाहिए था। लेकिन इसके उलट, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और उनके विभागीय अधिकारियों पर आरोप है कि वे इस कंपनी को संरक्षण दे रहे हैं। सीजीएमएससी (CGMSC) की इस कार्रवाई ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर जनता की जान से इतना बड़ा खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है।


जनता की जान पर संकट
जनता का आरोप है कि नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत से अमानक दवाओं का खेल जारी है। सरकारी अस्पतालों में पहुंच रही इन दवाओं पर सवाल पहले भी उठ चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद एक ही कंपनी को बार-बार ठेका दिया जाना, सीधे तौर पर जनता की जान को जोखिम में डालने जैसा है।
अब जनता को साथ आने की जरूरत
जनता के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि यह केवल एक ठेके का मामला नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन से जुड़ा गंभीर संकट है। आम नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से अपील की है कि इस मामले में तुरंत दखल देकर दोषियों पर कार्रवाई करें और लोगों की जान बचाएं।







