रायपुर। मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम और गले की खराश की समस्या तेजी से बढ़ जाती है। मेडिकल भाषा में इसे फैरिंजाइटिस (ग्रसनीशोथ) कहा जाता है। गले के पिछले हिस्से में दर्द, जलन या चुभन इसकी मुख्य पहचान है। अक्सर ये समस्या वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण के कारण होती है।
क्यों होती है गले में खराश?
सर्दी-जुकाम आमतौर पर इन्फ्लुएंजा वायरस या अन्य संक्रामक वायरस-बैक्टीरिया की वजह से होता है। ये संक्रमण गले की सतह पर असर डालते हैं और शरीर का इम्यून सिस्टम उनसे लड़ते हुए सूजन पैदा कर देता है। यही सूजन गले में खराश, दर्द और निगलने में कठिनाई का कारण बनती है।
गले की खराश आमतौर पर 3 से 10 दिन में ठीक हो जाती है।
इसके अलावा, स्ट्रेप थ्रोट जैसे बैक्टीरियल संक्रमण, वायु प्रदूषण, धूल, शुष्क हवा और आवाज का अधिक इस्तेमाल भी गले की समस्या बढ़ा सकते हैं।

लक्षण और परेशानी
- गले में सूजन और दर्द
- निगलने व बोलने में कठिनाई
- खांसी और जुकाम के साथ जलन
- कभी-कभी हल्का बुखार

गले की खराश से राहत पाने के उपाय
- गुनगुना पानी और गरारे करें – इससे गले की सूजन और दर्द कम होता है।
- गर्म पेय पदार्थ – अदरक-शहद वाली चाय, हल्का सूप राहत देते हैं।
- पानी ज्यादा पिएं – डिहाइड्रेशन से गला और खराब हो सकता है।
- ओटीसी दवाएं – दर्द और जलन कम करने के लिए सामान्य दवाएं ली जा सकती हैं।
- एंटीबायोटिक सिर्फ डॉक्टर की सलाह से – अगर संक्रमण बैक्टीरियल हो तो।

डॉक्टर क्या कहते हैं?
विशेषज्ञ बताते हैं कि गले में खराश सामान्यत: गंभीर नहीं होती और एक हफ्ते में ठीक हो जाती है। लेकिन अगर ज्यादा दिनों तक परेशानी बनी रहे या तेज बुखार आए, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।







