नई दिल्ली। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। रूस ने आरोप लगाया है कि यूक्रेन ने उसके कुर्स्क क्षेत्र के परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमला किया, जिससे वहां आग लग गई। हालांकि, आग पर जल्दी काबू पा लिया गया और अधिकारियों ने बताया कि रेडिएशन का स्तर सामान्य है।
रूसी प्रशासन के अनुसार ड्रोन हमलों में कई ऊर्जा और बिजली केंद्रों को भी निशाना बनाया गया। हमले में संयंत्र के एक ट्रांसफार्मर को नुकसान पहुंचा, लेकिन किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने इस घटना पर चिंता जताई है। एजेंसी ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मीडिया से मिली है, लेकिन स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी ने जोर देते हुए कहा कि “हर परमाणु संयंत्र की सुरक्षा हर समय सुनिश्चित होनी चाहिए।”
यह हमला उस दिन हुआ जब यूक्रेन ने सोवियत संघ से स्वतंत्रता प्राप्ति की 34वीं वर्षगांठ मनाई। इस अवसर पर राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने राजधानी कीव के इंडिपेंडेंस स्क्वायर से देशवासियों को संबोधित किया और कहा कि “यूक्रेन ऐसा देश बनेगा जो मजबूत और सुरक्षित होगा। हमारा भविष्य हमारे हाथों में है और अब पूरी दुनिया हमें बराबरी का दर्जा देती है।”
जेलेंस्की ने इस मौके पर अमेरिकी विशेष दूत कीथ केलॉग को “ऑर्डर ऑफ मेरिट” सम्मान भी प्रदान किया। इस बीच रूस-यूक्रेन युद्ध की जंग में परमाणु संयंत्र के पास हुए इस हमले ने एक बार फिर वैश्विक चिंता बढ़ा दी है।



