नई दिल्ली। भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण हालात के बीच एक सनसनीखेज जानकारी सामने आई है। आतंक के खिलाफ भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान इस कदर घबरा गया कि उसने अमेरिका को फोन कर युद्धविराम की मांग कर डाली। पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा कि भारत ब्रह्मोस मिसाइल से उसके न्यूक्लियर सेंटर पर हमला कर सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, इस डर के चलते पाकिस्तान ने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रशासन से संपर्क किया। इसके बाद अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बात की। भारत ने इस बातचीत में स्पष्ट कर दिया कि यह मामला भारत और पाकिस्तान के बीच का है, अमेरिका को इसमें हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। भारत ने कहा कि यदि पाकिस्तान युद्धविराम चाहता है तो उसे सीधे भारत से बात करनी होगी।
डीजीएमओ के बीच हुई सीधी बातचीत
इसके बाद पाकिस्तान के डीजीएमओ काशिफ अब्दुल्ला चौधरी और भारत के डीजीएमओ ले. जनरल राजीव घई के बीच बातचीत हुई। दोनों देशों ने 10 मई (शनिवार) को औपचारिक रूप से युद्धविराम की घोषणा की।
सोमवार को दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच एक और बातचीत हुई जिसमें भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को लेकर उसकी नई नीति के अनुसार अब सीमा पार भी कार्रवाई की जाएगी। आतंकवादी ठिकानों को अब सुरक्षित नहीं माना जाएगा।
सीमा पर नहीं होगा युद्धविराम का उल्लंघन
भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ के बीच हुई बातचीत में इस बात पर सहमति बनी कि अब सीमा पर किसी प्रकार की सैन्य कार्रवाई नहीं की जाएगी और युद्धविराम का पूरी तरह से पालन होगा।
कैसे बढ़ा तनाव?
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए एक बड़े आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा। इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 पर्यटकों की जान ले ली थी।
भारत का जवाब: ऑपरेशन सिंदूर
इस हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया। इस सैन्य अभियान में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया और कई आतंकियों को मार गिराया। जब पाकिस्तान ने भारत पर हवाई हमला करने की नाकाम कोशिश की, तो भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसके कई एयरबेस तबाह कर दिए।



