प्रशासन की बड़ी कार्यवाही
रायपुर में करोड़ों की ठगी कर फरार चल रहे सूदखोर भाई वीरेंद्र तोमर और रोहित तोमर पर आखिरकार पुलिस और प्रशासन का शिकंजा कस गया है। शनिवार को प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने भाठागांव स्थित साई विला कॉलोनी में बनी उनकी आलीशान कोठी को कुर्क कर कब्जे में ले लिया। मौके पर अधिकारियों ने कोठी पर ताला लगाकर बाहर कुर्की का नोटिस चस्पा कर दिया।
जमीन घोटाले का खुलासा
जांच में सामने आया कि गंगानगर खमतराई इलाके में खसरा नंबर 171/1 और 171/3 की 3564 वर्गफीट जमीन को तोमर बंधुओं ने वीरेन्द्र सिंह तोमर के नाम पर फर्जी रजिस्ट्री कराई थी। प्रशासन की जांच में यह रजिस्ट्री धोखाधड़ी साबित हुई, जिसके बाद राजस्व विभाग ने तुरंत प्रभाव से इसे निरस्त कर दिया।

आलीशान कोठी पर कुर्की
भाठागांव में बनी इस कोठी का कुल एरिया लगभग 6000 वर्गफीट है। इसमें से करीब 4500 वर्गफीट जमीन कोर्ट के आदेश पर कुर्क कर ली गई है, जबकि शेष 1500 वर्गफीट जमीन को लेकर अभी विवाद जारी है। कुर्की के बाद न तो इस संपत्ति की बिक्री हो सकती है और न ही नया निर्माण किया जा सकता है।
अगला कदम कोर्ट पर निर्भर
एसडीएम नन्द कुमार चौबे ने कहा कि आगे की कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर होगी। चूंकि दोनों भाई अब भी फरार हैं, इसलिए कोर्ट की अनुमति मिलने पर उनकी संपत्ति की नीलामी कराई जा सकती है और नीलामी से प्राप्त राशि को पीड़ितों तक पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
ठगी का जाल और फरारी
आरोप है कि वीरेंद्र और रोहित तोमर ने कुछ लाख का कर्ज लेकर शहर के कई लोगों से करोड़ों की ठगी की। लंबे समय से फरार इन भाइयों के खिलाफ पीड़ित लगातार शिकायतें कर रहे थे। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए उनकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू की। अब अगला फैसला कोर्ट की सुनवाई और आदेश पर निर्भर करेगा।







