नारायणपुर/रायपुर।नारायणपुर में आदिवासी लड़कियों द्वारा महिला आयोग के समक्ष लगाए गए आरोपों को लेकर नया विवाद सामने आया है। लड़कियों का कहना है कि उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया और गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
ज्योति शर्मा का बयान
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ज्योति शर्मा ने कहा कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए महिला आयोग द्वारा रेलवे स्टेशन से मांगे गए CCTV फुटेज देखना जरूरी है। उनका कहना है कि फुटेज से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार के आरोप की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
धर्म और लाभ पर सवाल
ज्योति शर्मा ने यह भी कहा कि जिन आदिवासी लड़कियों ने आयोग के समक्ष ईसाई धर्म अपनाने की बात स्वीकार की है, उनको आदिवासी जाति का लाभ जारी रखना उचित नहीं होगा। उन्होंने सुझाव दिया कि इस पर सरकार को उचित कदम उठाना चाहिए।
आर्थिक मदद पर संदेह
उन्होंने यह भी दावा किया कि 25 जुलाई को जिन लड़कियों के पास पर्याप्त आर्थिक साधन नहीं थे, वे अब आयोग तक पहुँची हैं। इस पर संदेह जताते हुए उन्होंने कहा कि मामले में यह जांच होनी चाहिए कि आर्थिक सहयोग किसके द्वारा दिया गया। साथ ही, उनका कहना है कि यदि लगाए गए आरोप झूठे सिद्ध होते हैं तो कानूनी कार्रवाई (FIR) भी की जाएगी।
जांच की मांग
मामले को लेकर अब सभी पक्षों से यही अपेक्षा की जा रही है कि इसकी निष्पक्ष जांच हो और तथ्य सामने आएं, ताकि किसी भी निर्दोष पर आंच न आए और यदि कोई दोषी है तो उस पर उचित कार्रवाई हो सके।







