फर्श पर प्रसव, ठप पड़ा अस्पताल निर्माण,शर्मसार सरगुजा में स्वास्थ्य सेवा

Madhya Bharat Desk
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सरगुजा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के गृह जिले सरगुजा से स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली उजागर करने वाली दो चौंकाने वाली घटनाएं सामने आई हैं। एक तरफ स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण एक प्रसूता को अस्पताल के फर्श पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा, वहीं दूसरी ओर करोड़ों की लागत से बन रहा अस्पताल महीनों से अधर में लटका हुआ है।

फर्श पर प्रसव—सरकारी लापरवाही का दर्दनाक उदाहरण

सरगुजा जिले के सीतापुर ब्लॉक में एक महिला प्रसव पीड़ा के कारण अस्पताल पहुंची, लेकिन समय पर स्वास्थ्यकर्मी मौजूद न होने से उसे अस्पताल के फर्श पर ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। यह घटना न केवल स्वास्थ्य कर्मचारियों की उदासीनता को उजागर करती है, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

करोड़ों का अस्पताल निर्माण ठप—विकास पर सवाल

अंबिकापुर में लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे मेडिकल कॉलेज अस्पताल भवन का निर्माण कार्य पिछले दो महीनों से पूरी तरह से रुका हुआ है। बताया जा रहा है कि ठेकेदार और स्वास्थ्य विभाग के बीच समन्वय की कमी के कारण यह परियोजना ठप पड़ी है। इस रुकावट से नई स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर सीधा असर पड़ा है और मरीजों को बेहतर इलाज की उम्मीद अधर में लटक गई है।

ये दोनों घटनाएं यह साफ दिखाती हैं कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति कितनी चिंताजनक है। खासतौर पर यह तथ्य और गंभीर हो जाता है कि ये घटनाएं मुख्यमंत्री के गृह जिले में घट रही हैं। यह समय है कि सरकार तुरंत कार्रवाई कर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करे ताकि प्रदेशवासियों को बुनियादी और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।

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