छत्तीसगढ़ की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब बालोद जिले के भदरा (टटेंगा) गांव में स्थित बिंदेश्वरी बघेल पार्क को जिला प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया। यह पार्क पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की स्वर्गीय मां के नाम पर बनाया गया था। प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर राज्य में राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है।
मुख्य घटनाक्रम:
पार्क को सील किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और सरकार व जिला प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन कुछ भी करने को तैयार है और उसका स्तर इतना गिर गया है कि किसी भी हद तक जा सकता है।
कारण और जांच:
बालोद प्रशासन को शिकायत मिली थी कि पार्क परिसर में संचालित कैंटीन में अवैध रूप से बिजली की खपत की जा रही है। जांच के बाद यह बात सामने आई कि निम्न दबाव की बिजली लाइन से डायरेक्ट हुकिंग कर तीन फेज की सप्लाई का उपयोग हो रहा था। डौंडी लोहारा एसडीएम के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पार्क को सील कर दिया गया।
तकनीकी साक्ष्य:
जांच के दौरान 14,860 वॉट का अवैध लोड दर्ज किया गया। मौके से 659 एमएम की चार कोर केबल, 50 मीटर वायर और अन्य विद्युत उपकरण जब्त किए गए हैं। यह भी स्पष्ट हुआ कि विद्युत चोरी के लिए गंभीर तकनीकी गड़बड़ियां की गई थीं।
जिम्मेदार कौन:
पार्क परिसर में कैंटीन का संचालन कांग्रेस नेता राजेश साहू द्वारा किया जा रहा था। वे पूर्व में क्षेत्र पंचायत सदस्य भी रह चुके हैं। उनके खिलाफ बिजली चोरी के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।



