क्या भारतीय अर्थव्यवस्था सच में मर चुकी है?
राहुल गांधी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यह “मर चुकी है” और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कुछ प्रमुख बिंदुओं को सामने रखा है जो उनके इस दावे का समर्थन करते हैं।
आम आदमी पर महंगाई की मार
राहुल गांधी ने महंगाई को एक बड़ा मुद्दा बताया है। उनका कहना है कि सब्जी मंडी और अनाज मंडी से गरीब गायब हो रहे हैं, क्योंकि आटा, दाल, आलू, प्याज और तेल जैसी बुनियादी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। यह स्थिति “दाल रोटी खाओ प्रभु के गुण गाओ” जैसी कहावतों को झूठा साबित करती है।

राहुल गांधी के अनुसार अर्थव्यवस्था की खराब हालत के 5 कारण
राहुल गांधी ने भारतीय अर्थव्यवस्था की इस खराब हालत के लिए पाँच मुख्य कारण गिनाए हैं:
मोदी-अडानी की पार्टनरशिप: राहुल गांधी का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी और उद्योगपति गौतम अडानी के बीच की कथित साझेदारी ने अर्थव्यवस्था में असंतुलन पैदा किया है।
नोटबंदी और खामियों वाला GST: उनके अनुसार, नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू किए गए GST ने छोटे व्यवसायों और आम जनता को बहुत नुकसान पहुंचाया।
‘असेंबल इन इंडिया’ की विफलता: राहुल गांधी ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल को ‘असेंबल इन इंडिया’ बताया और कहा कि यह पहल देश में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने में विफल रही है।
MSMEs का खात्मा: उनका मानना है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs), जो रोजगार का एक बड़ा स्रोत थे, सरकार की नीतियों के कारण खत्म हो गए हैं।
किसानों का दमन: राहुल गांधी के अनुसार, किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र कमजोर हुआ है।
युवाओं के भविष्य पर संकट
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि सरकार की नीतियों के कारण देश में नौकरियों की कमी है, जिससे युवाओं का भविष्य खतरे में है। उनका आरोप है कि मोदी सरकार ने युवाओं के सपनों को खत्म कर दिया है।
यह देखने वाली बात होगी कि सरकार और भाजपा इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। फिलहाल, राहुल गांधी के इन आरोपों ने भारतीय अर्थव्यवस्था की दिशा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।



