जानें 15 या 16 अगस्त में कब मनाई जाएगी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, क्या है शुभ मुहूर्त और व्रत के नियम

Madhya Bharat Desk
2 Min Read

नई दिल्ली।हर साल भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। 2025 में श्रीकृष्ण का 5252वां जन्मदिवस मनाया जाएगा। हालांकि इस वर्ष जन्माष्टमी की तिथि को लेकर लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बनी हुई है – क्या व्रत और पूजन 15 अगस्त को रखें या 16 अगस्त को?

जन्माष्टमी 2025: कब मनाई जाएगी?

इस बार अष्टमी तिथि की शुरुआत 15 अगस्त 2025 की रात 11:49 बजे से हो रही है और इसका समापन 16 अगस्त की रात 09:34 बजे होगा। हालांकि रोहिणी नक्षत्र, जो श्रीकृष्ण के जन्म से जुड़ा है, वह 17 अगस्त की सुबह 04:38 बजे से शुरू होगा।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब अष्टमी और रोहिणी एक साथ न हो, तो उदयातिथि (जिस दिन सूर्योदय के समय अष्टमी हो) पर व्रत और पूजा करना उत्तम होता है। इसी कारण इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 16 अगस्त 2025, शनिवार को मनाई जाएगी।

जन्माष्टमी 2025: शुभ मुहूर्त

  • अष्टमी तिथि आरंभ: 15 अगस्त 2025, रात 11:49 बजे
  • अष्टमी तिथि समाप्त: 16 अगस्त 2025, रात 09:34 बजे
  • रोहिणी नक्षत्र आरंभ: 17 अगस्त 2025, सुबह 04:38 बजे
  • चन्द्रोदय समय: 16 अगस्त 2025, रात 10:46 बजे

जन्माष्टमी व्रत के नियम

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर व्रत रखते समय भक्तों को कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए:

  • व्रत के दिन अन्न का सेवन नहीं किया जाता, केवल फलाहार (दूध, फल, मखाने आदि) की अनुमति होती है।
  • सात्विक आहार और आचरण का विशेष ध्यान रखा जाता है। लहसुन, प्याज और मांसाहारी भोजन से पूर्ण परहेज करें।
  • रात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म के समय पूजा करें – झूला झुलाएं, आरती उतारें और भजन-कीर्तन करें।
  • व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद शुभ समय में करें। हालांकि कुछ लोग रात्रि 12 बजे ही व्रत समाप्त करते हैं, लेकिन धार्मिक दृष्टिकोण से अगले दिन पारण अधिक शुद्ध माना गया है।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment