भारत-पाक संघर्ष विराम का क्रेडिट लेने पर अड़े ट्रंप, बोले- मेरी वजह से टली परमाणु जंग

Madhya Bharat Desk
3 Min Read

नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच हुए संघर्ष विराम का श्रेय खुद को दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि यदि उन्होंने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो दोनों देशों के बीच गंभीर युद्ध शुरू हो सकता था। उन्होंने कहा, “अगर मैंने व्यापार वार्ता रोकने की चेतावनी नहीं दी होती, तो भारत और पाकिस्तान आज लड़ रहे होते।”

ट्रंप ने यह बयान स्कॉटलैंड में ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर से मुलाकात से पहले दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर उन्होंने छह बड़े युद्धों को रोकने में अहम भूमिका निभाई है, जिनमें भारत-पाकिस्तान तनाव भी शामिल है। ट्रंप ने कहा, “हमारे समय में कई युद्धविराम हुए। अगर मैं राष्ट्रपति नहीं होता, तो आज दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध चल रहे होते।”

ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान को “परमाणु हॉटस्पॉट” करार देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच चल रहे व्यापार समझौते के बावजूद वे हथियारों की धमकी दे रहे थे, जो बेहद खतरनाक था। उन्होंने कहा, “मैं दोनों देशों के नेताओं को अच्छे से जानता हूं और मैंने साफ कर दिया कि जब तक वे संघर्ष रोकते नहीं, तब तक अमेरिका उनके साथ व्यापार नहीं करेगा।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर ये परमाणु युद्ध शुरू होता, तो उसकी धूल पूरी दुनिया में फैलती और भयानक परिणाम होते। हमने स्वार्थी होकर नहीं, बल्कि वैश्विक शांति के लिए हस्तक्षेप किया। अमेरिका का युद्धों को टालने में योगदान गर्व की बात है।”

10 मई के बाद से ट्रंप कई बार दोहरा चुके हैं यह दावा

ट्रंप ने 10 मई के बाद से करीब 20 बार यह दावा दोहराया है कि भारत-पाक तनाव कम कराने में उनकी भूमिका रही। दूसरी ओर, भारत सरकार ने इन बयानों को पहले भी खारिज किया है।

गौरतलब है कि भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू करते हुए पाकिस्तान और POK में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसका जवाब पाकिस्तान समर्थित संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) द्वारा किए गए हमले के बाद दिया गया था। चार दिन तक चला यह संघर्ष 10 मई को संघर्ष विराम की सहमति के साथ खत्म हुआ।

Share on WhatsApp

Share This Article
Leave a Comment