देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा है। इस्तीफे में उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का उल्लेख किया है।

धनखड़ के इस अप्रत्याशित कदम के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। विपक्षी दलों ने इसपर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नितिन भंसाली ने इस घटनाक्रम पर तंज कसते हुए कहा, “75 वर्ष की उम्र से पहले इस्तीफा देकर जगदीप जी ने प्रधानमंत्री मोदी को स्पष्ट संदेश दिया है कि जब उम्र 75 पार हो जाती है, तो राजनीति की मुख्यधारा से हटकर मार्गदर्शक मंडल का रास्ता पकड़ना चाहिए।”
भंसाली का यह बयान संकेत देता है कि यह इस्तीफा सिर्फ स्वास्थ्य कारणों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक निहितार्थ भी हो सकते हैं।



