गाजा में रविवार को हुए इस्राइली हवाई हमलों में 30 लोगों की मौत हो गई, जिनमें छह मासूम बच्चे भी शामिल थे। यह हमला उस समय हुआ जब दर्जनों लोग पानी भरने के लिए एकत्र हुए थे। स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, कई घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गौरतलब है कि इस्राइल और हमास के बीच बीते 21 महीनों से जारी युद्ध को रोकने के प्रयास चल रहे हैं, लेकिन संघर्षविराम और बंधकों की रिहाई को लेकर कोई ठोस प्रगति नहीं हो पाई है।
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हाल ही में वॉशिंगटन में संघर्षविराम पर चर्चा करने पहुँचे थे, लेकिन बातचीत इस्राइली सेना की तैनाती को लेकर अटक गई। इस्राइल दक्षिण गाजा के एक रणनीतिक क्षेत्र में अपने सैनिक बनाए रखना चाहता है, जबकि हमास इसे युद्ध की पुनरावृत्ति की मंशा मान रहा है।
हमास का कहना है कि वह 50 बचे हुए बंधकों को रिहा करने को तैयार है, लेकिन बदले में युद्ध का पूर्ण अंत और इस्राइली सेना की वापसी चाहता है। वहीं इस्राइल कह चुका है कि जब तक हमास हथियार नहीं डालता और क्षेत्र नहीं छोड़ता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
इस बीच, वेस्ट बैंक में भी हिंसा तेज हो गई है। रविवार को वहां दो फलस्तीनियों के जनाजे निकाले गए, जिनमें एक फलस्तीनी-अमेरिकी युवक सैफुल्लाह मुसलत भी था, जिसकी मौत अवैध यहूदी बस्ती के निवासियों के हमले में हुई।
गाजा में अल-अउदा अस्पताल ने बताया कि नुसैरत क्षेत्र में पानी भरने की लाइन में खड़े लोगों पर हमले में 10 शव मिले, जिनमें छह बच्चे थे। एक चश्मदीद रमजान नासर के अनुसार, हमले के वक्त बच्चे और बड़े मिलाकर करीब 34 लोग कतार में थे। अचानक हुए हमले से भगदड़ मच गई और कई लोग घायल हो गए।
वहीं अल-अक्सा शहीद अस्पताल ने बताया कि मध्य जावैदा शहर में एक घर पर हमले में 9 लोगों की जान गई, जिनमें 2 महिलाएं और 3 बच्चे शामिल थे।
इस्राइली सेना का कहना है कि उसने पिछले 24 घंटों में 150 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है। इस्राइल लगातार आरोप लगाता रहा है कि हमास आम नागरिकों के बीच छिपकर गतिविधियाँ चलाता है, जिससे जानमाल की हानि होती है।
सात अक्टूबर 2023 को शुरू हुए इस संघर्ष में अब तक 58,000 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। वहीं, हमास के पहले हमले में 1,200 इस्राइली नागरिक मारे गए थे और 251 बंधक बना लिए गए थे।



