उत्तर प्रदेश की आस्था पूनिया ने इतिहास रचते हुए भारतीय नौसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का गौरव प्राप्त किया है। 3 जुलाई को विशाखापत्तनम स्थित आईएनएस डेगा में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें ‘विंग्स ऑफ गोल्ड’ सम्मान से नवाजा गया। यह प्रतिष्ठित सम्मान रियर एडमिरल जनक बेवली द्वारा प्रदान किया गया।
आस्था का बचपन से ही सपना था कि वह भारतीय सेना का हिस्सा बनें। उनके पिता अरुण पूनिया नवोदय विद्यालय, सरधना (मेरठ) में शिक्षक हैं, जबकि मां संयोगिता चौधरी प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हैं। आस्था की प्रारंभिक शिक्षा बागपत के गिरधारी लाल पब्लिक स्कूल व एसडी पब्लिक स्कूल से हुई। स्नातक मेरठ से पूरा कर उन्होंने राजस्थान में रहकर डिफेंस की तैयारी की।
एक साल पहले हुआ था चयन
आस्था का चयन एक वर्ष पूर्व भारतीय नौसेना के अधिकारी पद पर हुआ था। इसके बाद उन्होंने फाइटर पायलट बनने के लिए विशेष कोर्स पूरा किया। अब वह लड़ाकू विमानों को उड़ाने वाली नौसेना की पहली महिला बन चुकी हैं।
परिवार का गर्व
परिवार में जश्न का माहौल है। मां ने कहा, “हमारी बेटी ने यह साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं होतीं।” दादा बुद्ध प्रकाश ने बताया कि आस्था बचपन में जहाज देखकर कहती थी – “दादू, एक दिन मैं भी ऐसा जहाज उड़ाऊंगी।” आज उसने अपना सपना पूरा कर लिया है।
संदेश लड़कियों के नाम
आस्था ने कहा, “लड़कियां खुद को कमजोर न समझें। मजबूत इरादे और सच्ची लगन से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।”







