छत्तीसगढ़ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के चलते आए दिन हमारे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को शर्मसार होना पड़ता है। कल भी कुछ ऐसा ही हुआ। इस बार पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के मेडिकल छात्रों ने मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में आयोजित डॉक्टर्स डे कार्यक्रम में उनके सामने ही हाय-हाय के नारे लगा डालें।
उनकी नाराजगी स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा मेडिकल छात्रों की सुविधाओं को नजरअंदाज करने को लेकर थी। बार-बार विनती के बावजूद हॉस्टल सुविधा न मिलने की वजह से मजबूरन उन्होंने कार्यक्रम के दौरान नारेबाजी की ताकि मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित कराया जासके।
मेरा मानना है कि स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को वही काम समझ में आता है जिस काम में उन्हें मोटा कमीशन मिले। आम जनता हो या मेडिकल छात्र किसी की पीड़ा से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। माननीय मंत्री जी घोटाला करने में मस्त है। पता नहीं कैसे भाजपा संगठन और प्रदेश के मुखिया उन्हें बर्दाश्त करते हैं।
आज प्रदेश की भाजपा सरकार को अगर सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान कोई पहुंचा रहा है तो ये ही है। पिछले दो सालों में उनके विभागों में घोटाले की झड़ी लग गई है। जो आज भी बदस्तूर जारी है।
भाजपा को समझना होगा कि राष्ट्रभक्ति और जनसेवा का उनका डायलॉग हर हमेशा काम नहीं आने वाला। जो काम धरातल पर दिखेगा उसी आधार पर जनता अपना मन बनाएगी। यही हाल रहा तो जानता भाजपा नेताओं को पकड़ पकड़ कर अपने मन की बात बताएगी। मेरा काम जनता के हितों को सामने रखकर सरकार से आग्रह करना है। अगर सरकार मेरी बातों को अन्यथा लेती है या विपक्ष के तौर पर देखती है तो मै स्पष्ट कर दूं कि मैं किसी भी तरह का पूर्वाग्रही नहीं हूं। आप अच्छा करेंगे तो कीबोर्ड पर हमारी उंगलियों तारीफों का पुल बांधने में भी पीछे नहीं रहेगी







