रायपुर।छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) बनाए गए शिक्षकों की अतिरिक्त ड्यूटी से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका है। प्रदेश के कई स्कूलों में पहले से ही शिक्षकों की कमी है। ऐसे में 1 दिसंबर से शुरू होने वाली छमाही परीक्षाओं से पहले पाठ्यक्रम पूरा करना शिक्षा विभाग के लिए चुनौती बन सकता है।
17 राज्यों में मतदाता सूची होगी अपडेट
इसी बीच चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा और उत्तराखंड समेत 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की तैयारी के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र लोगों के नाम इसमें शामिल करना है।
नए मतदाताओं को भी मिलेगा मौका
चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, साल 2027 में 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवा तय तारीखों के मुताबिक फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके अलावा मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या और उनके पहुंचने की सुविधा की भी समीक्षा की जाएगी। आयोग ने सामान्य तौर पर एक मतदान केंद्र पर 1,200 से ज्यादा मतदाता नहीं रखने और मतदान केंद्र तक पहुंच आसान बनाने पर जोर दिया है।
पढ़ाई और चुनावी ड्यूटी के बीच संतुलन जरूरी
छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की BLO के रूप में ड्यूटी और आगामी परीक्षाओं को देखते हुए दोनों जिम्मेदारियों के बीच तालमेल बनाना जरूरी होगा। एक ओर शिक्षकों को चुनाव संबंधी काम करना है, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों की पढ़ाई और पाठ्यक्रम पूरा कराने की जिम्मेदारी भी है।
ऐसे में शिक्षा विभाग के सामने चुनौती होगी कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का काम भी समय पर पूरा हो और स्कूलों में पढ़ाई पर इसका असर कम से कम पड़े। अब देखना होगा कि विद्यार्थियों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए विभाग इस संबंध में क्या व्यवस्था करता है।





