छत्तीसगढ़ में तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। वन मंत्री केदार कश्यप के कुशल मार्गदर्शन और विजनरी सोच के तहत छत्तीसगढ़ के तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को एक बार फिर बड़ा आर्थिक संबल मिला है। आज छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा ‘राजमोहिनी देवी तेन्दूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना’ के अंतर्गत कुल 2 करोड़ 40 लाख 10 हजार की सहायता राशि सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डिजिटली स्थानांतरित की गई।
राज्य लघु वनोपज संघ के मुख्य कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम, उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा और प्रबंध संचालक संजीता गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामय उपस्थिति में सॉफ्टवेयर के जरिए यह राशि जारी की गई। कार्यक्रम के दौरान रायगढ़ जिले की चिमटापानी समिति के मिथिलेश सिदार और दंतेवाड़ा जिले की नकुलनार समिति के गल्ले वीटी के बैंक खाते में राशि भेजकर इस डिजिटल भुगतान का औपचारिक शुभारंभ किया गया।
इस योजना के तहत स्वीकृत कुल 174 प्रकरणों में अलग-अलग श्रेणियों के अंतर्गत सहायता राशि प्रदान की गई है। दुर्घटना मृत्यु के 4 प्रकरणों में 4 लाख रुपये, सामान्य मृत्यु या स्थायी विकलांगता के 103 प्रकरणों में 2 लाख रुपये, 50-59 वर्ष आयु वर्ग में दुर्घटना मृत्यु या स्थायी विकलांगता के 4 प्रकरणों में 75 हजार रुपये और 50-59 वर्ष आयु वर्ग में सामान्य मृत्यु के 58 प्रकरणों में 30 हजार रुपये की सहायता दी गई है।

योजना के मुख्य प्रावधानों के अनुसार, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग में परिवार के मुखिया की सामान्य मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 2 लाख, दुर्घटना मृत्यु पर 4 लाख और आंशिक विकलांगता पर 1 लाख की सहायता दी जाती है। वहीं 50 से 59 वर्ष आयु वर्ग में सामान्य मृत्यु पर 30,000, दुर्घटना मृत्यु या स्थायी विकलांगता पर 75,000 और आंशिक विकलांगता पर 37,500 रुपये की सहायता राशि का प्रावधान है।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में संचालित इस कल्याणकारी योजना से संकट के समय संग्राहक परिवारों को त्वरित वित्तीय सहायता मिल रही है, जिससे उनके जीवनयापन में सुगमता आ रही है और उनके भविष्य को सुरक्षा मिल रही है।






