रायपुर।झीरम घाटी मामले में मौत की सजा पाने वाली प्रमिला मोडियम के परिवार ने अब राष्ट्रपति से राहत की गुहार लगाई है। प्रमिला के पिता सोनू कड़ती ने अपनी बेटी को निर्दोष बताते हुए मामले की फिर से जांच और राहत देने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि प्रमिला ने झीरम हमले से काफी पहले ही नक्सली संगठन छोड़ दिया था और इसके बाद वह अपने परिवार के साथ रह रही थी। पिता का आरोप है कि हमले के बाद पुलिस ने प्रमिला को घर से हिरासत में लिया और दबाव बनाकर उससे अपराध कबूल कराया।
परिवार इसी कथित इकबालिया बयान और प्रमिला की भूमिका की दोबारा जांच की मांग कर रहा है। हालांकि, ये सभी दावे परिवार की ओर से किए गए हैं। NIA की विशेष अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रमिला समेत 10 आरोपियों को दोषी ठहराया था और 16 सितंबर को मौत की सजा सुनाई थी।
अब मौत की सजा की पुष्टि के लिए मामला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहुंच गया है। हाईकोर्ट की पुष्टि के बिना ट्रायल कोर्ट की ओर से दी गई मौत की सजा लागू नहीं की जा सकती। दोषियों के पास अपील करने का कानूनी अधिकार भी है।
परिवार ने राष्ट्रपति को भेजे पत्र में संविधान के अनुच्छेद 21 और आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति का हवाला देते हुए प्रमिला को राहत देने की अपील की है। अब परिवार की उम्मीद हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई और राष्ट्रपति स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।






