दुर्ग।दुर्ग के चर्चित कथित अवैध अफीम खेती मामले में पूर्व भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। हालांकि, जमानत मिलने का मतलब यह नहीं है कि अफीम खेती से जुड़ा मामला खत्म हो गया है। केस की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी।
यह मामला करीब 5 एकड़ जमीन पर कथित अवैध अफीम की खेती से जुड़ा है। पुलिस ने मार्च में कार्रवाई करते हुए खेत से बड़ी संख्या में अफीम के पौधे जब्त किए थे। जब्त अफीम की कीमत करीब 8 करोड़ रुपये बताई गई थी।
हाईकोर्ट ने जमानत देते समय इस बात को भी ध्यान में रखा कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान विनायक ताम्रकार मौके पर मौजूद नहीं थे। साथ ही, उनके सीधे कब्जे से कोई मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ था।
कोर्ट ने यह भी कहा कि खेत में पानी, बिजली, पंप, सिंचाई की व्यवस्था या CCTV कैमरे लगे होने से अकेले यह साबित नहीं होता कि विनायक ताम्रकार का अफीम की खेती पर जानबूझकर कब्जा था या वह सीधे तौर पर इसमें शामिल थे।
हालांकि, विनायक ताम्रकार को दूसरी याचिका में राहत नहीं मिली। उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज FIR और पुलिस की चार्जशीट को रद्द करने की मांग की थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया।
यानी फिलहाल विनायक ताम्रकार को जमानत मिल गई है, लेकिन उनके खिलाफ चल रहा केस खत्म नहीं हुआ है। अब मामले की आगे की सुनवाई ट्रायल कोर्ट में होगी।
इस मामले में पुलिस ने 939 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें कुल 78 गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। मामले की सुनवाई 9 सितंबर से आगे बढ़ने की संभावना है।




