पहले NRC, फिर जनगणना: मणिपुर में मीरा पैबी महिलाओं का बड़ा प्रदर्शन

Madhya Bharat Desk
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मणिपुर।जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग को लेकर मणिपुर के 20 से अधिक गांवों की मीरा पैबी महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से राज्य में नागरिकों की पहचान और दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को मजबूत करने की मांग की।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कथित अवैध प्रवासन और आबादी में हो रहे बदलाव से स्थानीय समुदायों के हित प्रभावित हो सकते हैं। इसी चिंता को लेकर उन्होंने जनगणना से पहले NRC को अपडेट करने की मांग उठाई है।

प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने राज्य की जनसांख्यिकीय स्थिति और स्थानीय आबादी से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं। उनका तर्क है कि जनगणना और नागरिकता से संबंधित प्रक्रियाओं में स्पष्टता रहने से स्थानीय समुदायों के अधिकारों और हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

हालांकि, अवैध प्रवासन को जनसांख्यिकीय बदलाव का प्रमाणित कारण मानने के बजाय इसे प्रदर्शनकारियों का आरोप और चिंता के रूप में देखना अधिक तथ्यपरक होगा। इस संबंध में आधिकारिक आंकड़ों या स्वतंत्र रूप से सत्यापित प्रमाणों को अलग से देखना जरूरी है।
NRC अपडेट की मांग क्यों?

मीरा पैबी महिलाओं द्वारा उठाई गई मांग का केंद्र यह है कि जनगणना से पहले नागरिकों के रिकॉर्ड और पहचान से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित एवं अद्यतन किया जाए। प्रदर्शनकारियों का मानना है कि इससे राज्य में नागरिकता और आबादी से जुड़े विवादों को स्पष्ट करने में मदद मिल सकती है।

मणिपुर में लंबे समय से पहचान, भूमि, जनसांख्यिकी और प्रवासन जैसे मुद्दे संवेदनशील राजनीतिक एवं सामाजिक विषय रहे हैं। ऐसे में NRC और जनगणना को लेकर उठ रही मांग पर सरकार के रुख और आधिकारिक आंकड़ों पर नजर बनी हुई है।

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